जिलाधिकारी ने अगस्त माह में पंजीकृत सर्वाधिक मालियत वाले बैनामों में से एक का किया स्थलीय निरीक्षण
प्रथम दृष्टया बैनामे में स्टांप शुल्क की नहीं मिली कमी, संपत्तियों के भौतिक सत्यापन की कार्रवाई लगातार जारी रखने के दिए निर्देश
मऊ।घोसी। डीएम आनंद वर्द्धन ने अगस्त माह में पंजीकृत सर्वाधिक मालियत वाले पांच बैनामों में से एक बैनामे का आज तहसील सदर के मौजा बरपुर में स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बैनामे में अंकित संपत्ति के अभिलेखीय विवरण एवं मौके पर स्थित संपत्ति का सत्यापन किया गया।
निरीक्षण में पाया गया कि विक्रय अभिलेख संख्या 7407 वर्ष 2026, मौजा बरपुर, परगना मऊ, तहसील सदर, जनपद मऊ में स्थित आराजी संख्या 22 मि., कुल रकबा 0.5930 हेक्टेयर में से 0.03645 हेक्टेयर अर्थात 90 कड़ी (364.5 वर्ग मीटर) अकृषक भूमि का अंतरण किया गया है। उक्त संपत्ति के विक्रेता मनीष अग्रवाल पुत्र बृजमोहन दास अग्रवाल, निवासी छेदा पुरा, तहसील सदर, जनपद मऊ तथा क्रेता श्रीमती वर्षा देवी पत्नी आशीष कुमार एवं सुयश शाह पुत्र आशीष कुमार, निवासी मोहल्ला सहादतपुरा, तहसील सदर, जनपद मऊ हैं।
डीएम द्वारा स्थलीय निरीक्षण के दौरान बैनामे में अंकित विवरण के अनुसार संपत्ति का मूल्यांकन सही पाया गया। प्रथम दृष्टया स्टांप शुल्क में किसी प्रकार की कमी नहीं पाई गई।
डीएम आनंद वर्द्धन ने निर्देश दिए कि जनपद में पंजीकृत महत्वपूर्ण एवं उच्च मालियत वाले बैनामों का भौतिक सत्यापन लगातार किया जाए। उन्होंने कहा कि उनके साथ-साथ अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), सहायक आयुक्त स्टांप एवं उप निबंधकों द्वारा भी संपत्तियों का स्थल निरीक्षण कर अभिलेखों एवं वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाएगा। स्टांप शुल्क की कमी पाए जाने वाले प्रकरणों में नियमानुसार भारी जुर्माना अधिरोपित करते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।























































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