आजमगढ़ में प्रकृति का कहर! अचानक 15 फीट धंसी जमीन, कमरा-बाइक समेत लाखों का सामान जमींदोज
•ट्यूबवेल परिसर में अचानक बना गहरा गड्ढा, बाइक, दो साइकिल, खाद, अनाज, मोटर-पंखा समेत अन्य सामान जमीन में समाया
तहसील व राजस्व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची, भू-धंसाव के कारणों की जांच शुरू
अतरौलिया, आजमगढ़। जनपद के अतरौलिया क्षेत्र के तेजापुर गांव में बुधवार को अचानक हुए भीषण भू-धंसाव से हड़कंप मच गया। गांव निवासी किसान सुदामा यादव के ट्यूबवेल परिसर में देखते ही देखते जमीन करीब 15 फीट नीचे धंस गई, जिससे वहां बना कमरा, बाइक, दो साइकिलें, चार बोरी रासायनिक खाद, अनाज, इलेक्ट्रिक मोटर, पंखा समेत अन्य सामान गहरे गड्ढे में समा गया। घटना में किसान को करीब सवा से डेढ़ लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
ट्यूबवेल चलाने पहुंचे तो पैरों तले खिसक गई जमीन
पीड़ित किसान सुदामा यादव ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2000 में ट्यूबवेल की बोरिंग कराई थी। बोरिंग की सुरक्षा के लिए उसके ऊपर कमरा भी बनवाया गया था। पिछले कुछ दिनों से बारिश के मौसम में बोरिंग के पाइप के पास नीचे की ओर पानी का हल्का रिसाव दिखाई दे रहा था।
बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे तक ट्यूबवेल चलाकर हौज में पानी भरा गया था। इसके बाद दोपहर करीब दो से तीन बजे के बीच जब सुदामा यादव मवेशियों को पानी पिलाने के लिए दोबारा ट्यूबवेल चलाने पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए।
जिस स्थान पर ट्यूबवेल और कमरा था, वहां पूरी जमीन धंस चुकी थी और करीब 15 फीट गहरा गड्ढा बन गया था।
बाइक समेत पूरा सामान गड्ढे में समाया
सुदामा यादव के पुत्र शुभम यादव के मुताबिक घटना के समय घर पर उनके माता-पिता ही मौजूद थे। अचानक हुए भू-धंसाव में कमरे में खड़ी बाइक, दो साइकिलें, खेती के लिए रखी गईं रासायनिक खाद की चार बोरियां, अनाज, पंखा, इलेक्ट्रिक मोटर और अन्य सामान भी जमीन में समा गया।
गड्ढा इतना गहरा था कि ऊपर से बाइक का कुछ हिस्सा ही दिखाई दे रहा था, जबकि अन्य सामान करीब आठ से दस फीट नीचे मलबे और पानी में दब गया।
मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़
अचानक जमीन धंसने की खबर मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और भू-धंसाव वाले स्थान का जायजा लिया। घटना की जानकारी ग्राम प्रधान को भी दी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से आसपास के क्षेत्र का भी निरीक्षण कराने की मांग की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य स्थानों पर भी जमीन धंसने का खतरा तो नहीं है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद तहसील एवं राजस्व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रशासन की टीम भू-धंसाव के कारणों की जांच में जुटी है।
पीड़ित किसान और ग्रामीणों ने प्रशासन से भू-धंसाव के वास्तविक कारणों की तकनीकी जांच कराने, नुकसान का आकलन कराने तथा उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाने की मांग की है।
अचानक जमीन के 15 फीट नीचे धंस जाने की इस घटना ने बारिश के मौसम में ग्रामीण इलाकों में जमीन की स्थिरता और भू-जल रिसाव को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
























































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