चुरिया मायापुर बंधा हुआ जर्जर, चुरिया टोला के अस्तित्व पर संकट
देवरिया । लार ब्लॉक के ग्राम सभा चूरिया टोला से मायापुर को जाने वाला बंधा इन दिनों जर्जर हो गया है। घाघरा और छोटी गंडक नदियों से चारों तरफ से घिरे इस क्षेत्र में नदी का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर पहुंचने की स्थिति में किनारे बसे गांवों पर हमेशा बाढ़ का खतरा मंडराता रहता है। इसके बावजूद मायापुर-चूरिया टोला बंधे की जर्जर हालत को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक ठोस पहल नहीं होने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार मायापुर और चूरिया टोला को जोड़ने वाला यह बंधा नदी से महज करीब 50 मीटर की दूरी पर स्थित है। लंबे समय से मरम्मत और देखरेख के अभाव में बंधे की स्थिति काफी खराब हो गई है। कई स्थानों पर बंधा कमजोर दिखाई दे रहा है, जिससे लगातार बढ़ रहे नदी के जलस्तर के बीच ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बंधे के कुछ हिस्सों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। कई लोग बंधे पर खोप, मढ़ई, नाद आदि लगाकर उसका उपयोग कर रहे हैं। घरों की नालियों का पानी भी बंधे पर गिराया जा रहा है। इसके अलावा बंधे पर गाय-भैंस बांधकर उन्हें खिलाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इन गतिविधियों के कारण बंधे की मिट्टी और संरचना लगातार कमजोर हो रही है।
बाढ़ की पुरानी घटनाओं से ग्रामीण चिंतित
क्षेत्र में बरसात के मौसम में घाघरा और छोटी गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा और बंधे की समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो पानी का दबाव बढ़ने से गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मायापुर-चूरिया टोला बंधे का तत्काल निरीक्षण कराकर उसकी मरम्मत कराई जाए। साथ ही बंधे पर किए गए अतिक्रमण को हटाने और नालियों का पानी बंधे पर गिरने से रोकने की व्यवस्था की जाए, ताकि संभावित बाढ़ के खतरे से गांव और ग्रामीणों को सुरक्षित रखा जा सके।

























































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