डीएम ने श्रम बंधु एवं आईजीआरएस की बैठक में दिए आवश्यक निर्देश
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला श्रम बंधु एवं आईजीआरएस की बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रमिक कल्याण से संबंधित योजनाओं, श्रम विभाग के विभिन्न कार्यों तथा आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए पात्र श्रमिकों को शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराएं। श्रम बंधु की बैठक में कन्या विवाह सहायता योजना, मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना तथा संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन सहायता योजना की समीक्षा की गई। उन्होंने पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से आच्छादित कर लाभान्वित करने के निर्देश दिए
जिलाधिकारी ने बाल श्रमिकों की पहचान तथा ग्राम पंचायत स्तर पर उनका सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। ईंट-भट्ठों, होटल-ढाबों, दुकानों एवं बाजारों, कृषि कार्य, घरेलू कार्य, लघु उद्योग आदि स्थानों पर बाल श्रमिकों का चिन्हांकन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बाल श्रम में लगे बच्चों को मुक्त कराकर उनका पुनर्वास कराने तथा विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बाल श्रम कराने वाले नियोक्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने सभी बच्चों का विद्यालयों में नामांकन एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने तथा शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल रैलियों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बाल श्रम के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। पैम्फलेट, बैनर, पोस्टर एवं प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से भी व्यापक प्रचार-प्रसार कराने को कहा।
गरीब एवं कमजोर परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर बाल श्रम की पुनरावृत्ति रोकने पर भी जिलाधिकारी ने जोर दिया। उन्होंने ऐसे परिवारों को UPBOCW.IN के अंतर्गत निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत कर योजनाओं का लाभ दिलाने तथा मनरेगा, स्वयं सहायता समूह, कौशल विकास प्रशिक्षण, सामाजिक पेंशन, स्वरोजगार आदि योजनाओं से पात्र परिवारों को आच्छादित कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्माण श्रमिकों एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का अधिक से अधिक पंजीकरण कराने तथा पंजीकृत श्रमिकों को पात्रतानुसार योजनाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने निकायों में ठेकेदारों के माध्यम से कराए जा रहे कार्यों में लगे श्रमिकों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराया जाए। आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जनसुनवाई एवं आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। निस्तारण आख्या समय से पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

























































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