योगी सरकार आईटीआई को बनाएगी आधुनिक कौशल एवं रोजगार का हब
•आईटीआई से प्रशिक्षित हर युवा को सम्मानजनक रोजगार से जोड़ना सरकार का लक्ष्य
लखनऊ, 19 अगस्त 2026। योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को आधुनिक कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की प्रशिक्षण व्यवस्था में व्यापक बदलाव करने जा रही है। सरकार का लक्ष्य राजकीय आईटीआई को पारंपरिक प्रशिक्षण केंद्रों तक सीमित न रखते हुए आधुनिक तकनीक, नए ट्रेड और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप भविष्य के कौशल एवं रोजगार केंद्र के रूप में विकसित करना है।
इसी क्रम में बुधवार को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने लखनऊ स्थित प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय, उत्तर प्रदेश का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय गतिविधियों का जायजा लेने के साथ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर प्रशिक्षण व्यवस्था, विभागीय योजनाओं की प्रगति तथा युवाओं को रोजगार से जोड़ने के प्रयासों की समीक्षा की।
बैठक में प्रदेशभर में संचालित राजकीय आईटीआई में प्रशिक्षण व्यवस्था, प्रशिक्षकों की उपलब्धता, तकनीकी संसाधनों, प्रशिक्षण की गुणवत्ता, आधुनिक ट्रेडों तथा प्रशिक्षार्थियों को रोजगार से जोड़ने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
डिजिटल लर्निंग और आधुनिक तकनीक पर जोर
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि युवाओं के सीखने का तरीका तेजी से बदल रहा है और डिजिटल माध्यमों एवं नई तकनीकों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में कौशल प्रशिक्षण को भी आधुनिक, तकनीक आधारित और रोजगारपरक बनाना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डिजिटल लर्निंग, आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों को प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ा जाए तथा आईटीआई में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
स्कूल-कॉलेजों में बताए जाएंगे आईटीआई के करियर विकल्प
मंत्री ने कहा कि आईटीआई युवाओं के लिए बेहतर करियर और रोजगार का मजबूत माध्यम है। विद्यार्थियों में आईटीआई के प्रति आकर्षण और विश्वास बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने स्कूल एवं कॉलेज स्तर पर विद्यार्थियों को आईटीआई के आधुनिक ट्रेडों, रोजगार की संभावनाओं और कौशल आधारित करियर विकल्पों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देकर प्रशिक्षण व्यवस्था को युवाओं के लिए अधिक आकर्षक बनाया जाना चाहिए।
प्रशिक्षण के साथ रोजगार और स्वरोजगार पर फोकस
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल युवाओं को प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के योग्य बनाना है। इसके लिए आईटीआई और उद्योगों के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देने तथा प्रशिक्षार्थियों को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया। साथ ही प्रशिक्षण में तकनीकी दक्षता के अलावा कम्युनिकेशन स्किल, सॉफ्ट स्किल, इंटरव्यू और कार्यस्थल से जुड़ी आवश्यक क्षमताओं को भी शामिल करने के निर्देश दिए।
हर आईटीआई को बनाया जाएगा भविष्य का कौशल केंद्र
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के आईटीआई को नई तकनीक, आधुनिक ट्रेड और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप भविष्य के कौशल केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
उन्होंने कहा, “हुनरमंद युवा आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत हैं।” योगी सरकार का लक्ष्य है कि आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाला प्रत्येक युवा अपने कौशल के माध्यम से सम्मानजनक रोजगार हासिल करे और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में सक्रिय भागीदार बने।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह सहित विभाग एवं निदेशालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
स्रोत: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार से प्राप्त समाचार।

























































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