व्यवस्था सुधारने में नव चयनित अधिकारियों की सबसे बड़ी भूमिका: मंत्री रवींद्र जायसवाल
लखनऊ, 6 अगस्त। प्रदेश के स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने कहा कि सरकारी व्यवस्था का हिस्सा बनने से पहले जिस कमी से सबसे अधिक परेशानी होती थी, अब उसे सुधारने का अवसर नव चयनित अधिकारियों को मिला है। इसलिए व्यवस्था को बेहतर बनाने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
विधान भवन स्थित तिलक हाल में लोक सेवा आयोग से नव चयनित उपनिबंधकों के लिए आयोजित सेवा-पूर्व ओरिएंटेशन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि हजारों अभ्यर्थियों के बीच चयनित होकर आए अधिकारी अपने और अपने परिवार के सपनों को साकार करने जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे दूषित व्यवस्था के प्रवाह में बहने के बजाय गंगा की तरह पवित्र आदर्शों के साथ कार्य करें।
रवींद्र जायसवाल ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों को हमेशा यह स्मरण रखना चाहिए कि उनके द्वारा एकत्रित राजस्व से ही सड़कें बनती हैं, गरीबों को खाद्यान्न मिलता है और लोगों का इलाज संभव हो पाता है। उन्होंने कहा कि राजस्व की हानि राष्ट्रहित के खिलाफ है और यह विकास की गति को बाधित करती है। इसलिए किसी भी अधिकारी को कार्य के दौरान किसी प्रकार के अनुचित दबाव में नहीं आना चाहिए, क्योंकि किसी भी अनियमितता की अंतिम जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की ही होती है।
मंत्री ने नव नियुक्त अधिकारियों से अपनी उच्च शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और युवा ऊर्जा का उपयोग विभाग में नवाचार (इनोवेशन) लाने के लिए करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव और युवाओं की आधुनिक सोच का समन्वय विभाग को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। ईमानदारी, निष्ठा और पारदर्शिता ही एक अधिकारी की सबसे बड़ी पहचान होती है।
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे नवचयनित उपनिबंधकों के साथ विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।























































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