जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा की, विद्यालयों के नियमित निरीक्षण और बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश
देवरिया ।जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करते हुए शासन की संचालित योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी नियमित रूप से विद्यालयों का प्रभावी निरीक्षण करें तथा निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों का समयबद्ध निराकरण कराएं। साथ ही मान्यता प्राप्त एवं अवैध रूप से संचालित विद्यालयों पर प्रभावी नियंत्रण रखते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विद्यालयों को सतत प्रयासों के माध्यम से सक्षम विद्यालयों की श्रेणी में लाया जाए। इसके लिए डीसी, डाइट प्राचार्य तथा अन्य नामित अधिकारियों का निरीक्षण रोस्टर तैयार कर नियमित निरीक्षण कराया जाए। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों से संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को अवगत कराते हुए उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित कराया जाए।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संकुल की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं तथा विद्यालयों में कायाकल्प योजना के अंतर्गत निर्धारित 19 पैरामीटरों का संतृप्तीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। निरीक्षण के दौरान निपुण तालिका, पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता तथा अन्य शैक्षिक संसाधनों की भी समीक्षा की जाए।
जिलाधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विद्यालयों में पठन-पाठन, शैक्षिक गुणवत्ता एवं आधारभूत व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिशासी अधिकारियों (नगर निकाय) को नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों तथा खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के कम से कम 20 विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का भी प्रभावी निरीक्षण कर छात्राओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने को कहा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए तथा सभी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। जिन विद्यालयों अथवा क्षेत्रों में बच्चों की उपस्थिति कम मिलेगी, वहां संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान यदि डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं टास्क फोर्स के सभी सदस्यों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने तथा अंतरविभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी अधिकारियों से अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए सौंपे गए दायित्वों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने भी अधिकारियों को जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राम शंकर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिश्चंद्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. रामजियावन मौर्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी आदिश मिश्रा, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार सिंह, परियोजना निदेशक अनिल कुमार, डीसी एनआरएलएम आलोक पांडेय, खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


























































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