आम की फसल में थ्रिप्स नामक कीट से आम उत्पादकों को बहुत नुकसान
आजमगढ़ 19 फरवरी-- जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव ने अवगत कराया है कि विगत वर्षों में आम की फसल में थ्रिप्स नामक कीट से आम उत्पादकों को बहुत नुकसान होता आया है। इस वर्ष भी आम में नयी मंज़र और कली निकल रही है। भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् के रहमानखेड़ा स्थित केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान से प्राप्त सलाह अनुसार बहुत से बागों में अभी ये कलियाँ 1 इंच की भी नहीं हुयी है पर इनपर थ्रिप्स का आक्रमण शुरू हो गया है। संस्थान के कीट वैज्ञानिक डा0 एचएस सिंह और डा0 गुड़प्पा के अनुसार ये कीट कली के छिलकों को अंदर देखे जा सकते हैं, पर इस तरह के प्रारम्भिक कीट उपस्थिति की पहचान किसान भाई नहीं कर पा रहें हैं और कीट नियंत्रण का काम फूल निकल आने के बाद शुरू करने की सोच रहे हैं जो कि सामान्यता हॉपर के लिए होता है। ऐसे में बागान मालिकों को सलाह दी जाती है कि आम में निकलने वाली नई कली को खोलकर तुरन्त निरीक्षण करें। कली को खोलकर मोबाइल स्क्रीन पर रखें और हल्का सा झटका दें, बहुत सारे छोटे-छोटे भागते हुए कीड़े ही थ्रिप्स हैं पर इनकी संख्या अभी कम है, अगर इनको रोका नहीं गया तो ये जैसे तापमान बढ़ेगा और फूल विकसित होंगे, वैसे ये पूरे बाग में आने वाले फूल और छोटे फलों को नष्ट कर देंगे। इस कीट द्वारा नष्ट की गयी नई कोपलों और अविकसित फलों को दिये गये फोटों में देखा जा सकता है।
यदि ये कीट कलियों में देखे जा रहें हैं तो इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल (0.3 मिली/ली0) या थिएमेथोक्सम 25 प्रतिशत डब्लूजी (0.3 ग्राम/ली0) या मोनोक्रोटोफॉस 36 प्रतिशत एसएल (1.5 मिली/ली0) का छिड़काव करें। इससे थ्रिप्स कीट की प्रारम्भिक संख्या को रोका जा सकेगा और इस स्प्रे का असर हॉपर पर भी पड़ेगा।
-----जि0सू0का0-आजमगढ़-19.02.2022-------




























































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