अन्तराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर “सशक्त बेटियां सशक्त समाज“ के तहत राजकीय महिला महाविद्यालय समदी, अहिरौला में कार्यक्रम का आयोजन
आजमगढ़ 11 अक्टूबर-- अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर “सशक्त बेटियां सशक्त समाज“ इसी सपने को साकार रूप देने के एक छोटे से प्रयास तथा बदलाव की एक किरण के साथ राजकीय महिला महाविद्यालय समदी, अहिरौला में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी, इन्हीं पहलुओं पर विचार व्यक्त करते हुए हिंदी की प्रवक्ता डा0शालिनी चौधरी जी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्त्री सम्मान की रक्षा किसी भी देश के कानून के लिए गौरवान्वित करने वाली बात होती है लेकिन भारतीय संदर्भ में स्त्रियों की मानवीय गरिमा हमेशा से ही निन्दनीय रही है। इन्हीं असभ्य और संकीर्ण मानसिकता से ग्रसित व्यवस्थाओ को समाप्त करने के लिए निरंतर समाज और सरकार द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्त्री मुद्दों पर केवल स्त्रियों को ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी जागरूक करने की नितांत आवश्यकता है।
इस अवसर पर आगे व्याख्यान देते हुए गृह विज्ञान की प्रवक्ता डॉ0 कंचन यादव जी ने बताया कि इन तमाम विसंगतियों, शोषण, सामाजिक बहिष्कार के बावजूद भी हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपना परचम लहराया है तथा पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश के विकास में योगदान दिया है। इसी क्रम में वनस्पति विभाग के प्रवक्ता डा0 अमित कुमार पटेल जी द्वारा बालिकाओं की सुरक्षा सम्मान एवं उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा जो योजनाएं चलाई जा रही है उसकी जानकारी छात्राओं को प्रदान की।
कार्यक्रम के समापन को संबोधित करते हुए मा0 प्राचार्य जी ने अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस की बधाई देते हुए छात्राओं के सामने उन महिलाओं के उदाहरण पेश किए जिन्होंने तमाम विसंगतियों तथा कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए भारतीय इतिहास मे गरिमामयी और स्वर्णिम अक्षरों में अपने नाम अंकित कराएं।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने मे महाविद्यालय की समस्त सँकायो की छात्राओं ने न ही सिर्फ अपनी उपस्थिति दिखायी बल्कि महाविद्यालय की ओर से आयोजित भाषण प्रतियोगिता में बढ़ चढ़कर हिस्सा भी लिया। इस आयोजन मे महाविद्यालय के सभी कर्मचारियों ने भी अपनी सहभागिता दी।





















































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