‘मिशन शक्ति-3.0’सृष्टि के निर्माण में बेटियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण : आजमगढ़
आजमगढ़ 05 अक्टूबर-- महिला कल्याण विभाग के तत्वाधान में ‘‘मिशन शक्ति-3.0’’ के अन्तर्गत जिला महिला अस्पताल आजमगढ़ में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आजमगढ़, जिला महिला अस्पताल की सीएमएस एवं महिला कल्याण अधिकारी की उपस्थिति में लिंगानुपात पर जागरूकता हेतु गुड्डा-गुड्डी बोर्ड की स्थापना की गयी। इसी के साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अन्तर्गत आजादी के अमृत महोत्सव पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आजमगढ़, अनीता ने अपने सम्बोधन में कहा कि लिंग परीक्षण न करायें, लिंग परीक्षण कराने से पता चलता है कि आने वाली संतान बेटा है या बेटी, यह अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होने कहा कि बेटियॉ ही नही रहेंगी तो महिलाओं का अस्तित्व भी नही रहेगा। आप जननी हैं, तो बेटियों की सुरक्षा करें। समाज में यह धारणा गलत है कि बेटियॉ होने पर वंश आगे नही बढ़ेगा, बेटियों की अच्छी परवरिश करें, बेटियों को पढ़ायें-लिखायें, बेटियॉ बेटों से बढ़कर माता-पिता की सेवा करती हैं। आगे उन्होने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के लिए विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित की गयी हैं, उनका लाभ उठायें, यदि कहीं कोई समस्या आ रही है तो संबंधित विभाग से सम्पर्क करें।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस मंजुला सिंह ने बताया कि बेटा-बेटी को बराबर सम्मान दें, बेटी होने पर मायूस न हों, उसे ही बेटे की तरह पढ़ायें-लिखायें और आगे बढ़ायें। आजकल की बेटियॉ प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, चाहे खेल हो, अंतरीक्ष, पर्वतारोहण एवं उच्च प्रशासनिक पद हो, उस पर चयनित होकर समाज और देश का नाम रौशन कर रही हैं। उन्होने महिलाओं से कहा कि जिला महिला अस्पताल में यदि कहीं कोई समस्या हो तो उससे हमे तुरन्त अवगत करायें, उसका तत्काल निराकरण किया जायेगा।
महिला कल्याण अधिकारी प्रीति उपाध्याय ने कहा कि महिला जन्म अनुपात में कमी का प्रमुख कारण जन्म के समय बालिकाओं के साथ किये जाने वाले भेद-भाव एवं हिंसक व्यवहार से माना जाता है। उन्होने कहा कि वर्तमान समय मे तेजी से लिंगानुपात गिर रहा है, इससे भविष्य में गम्भीर सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होने कहा कि सृष्टि के निर्माण में बेटियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, इसके बावजूद बेटियों को कोख में ही मारा जा रहा है, जो अपराध की श्रेणी में है। उन्होने कहा कि इस मानसिकता को बदलना होगा, इसमें आज की युवा पीढ़ी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए बेटियों को पढ़ायें, जिससे वे अपने पैरों पर खड़ा होकर परिवार, समाज एवं देश का नाम रौशन करें।
इस अवसर पर जिला महिला अस्पताल, मिशन शक्ति केन्द्र, वन स्टाप सेन्टर के कर्मचारीगण व महिला आरक्षी उपस्थित रहे।



























































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