जीवित्पुत्रिका का 24 घंटे निर्जल व्रत ....देखिए गांव की झलक
बूढ़नपुर क्षेत्र में महिलाओं ने जीवित्पुत्रिका का 24 घंटे निर्जल व्रत रखा वही व्रत रखने के साथ-साथ जीवित्पुत्रिका का पूजा अर्चन किया जाकर पूजा स्थल पर कथा कहानी महिलाओं ने कहा लोगों का कहना है कि पितृपक्ष में यह व्रत हर वर्ष आता है जो व्रती महिलाएं हैं उनको कठिन निर्जल व्रत रखना होता है 24 घंटे बिना खाए पिए यह व्रत रखा जाता है 24 घंटे के बाद महिलाओं द्वारा जो व्रती महिलाएं हैं अपने पुत्र को माला जीवित पुत्रिका का पहनाकर प्रसाद खिला कर ही व्रत का समाप्ति की जाती है। वही व्रती महिलाएं अपने पुत्र के लंबी आयु की कामना के लिए जीवित्पुत्रिका का व्रत करती हैं ।व उनके लंबी आयु की कामना करती हैं आज सुबह से ही निर्जल व्रत रखकर व्रत के स्थान पर केला सेव चीनी की मिठाई फूल माला आज चढ़ाकर व्रत करती हैं।



























































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