गैस सिलेंडर विस्फ़ोट के मामले में एक की मौत, इलाज के लिए वाराणसी जाते समय घाटी घटना
आजमगढ़ निजामाबाद थाना क्षेत्र के डोडोपुर गांव में शुक्रवार की देर शाम को गैस सिलेंडर फटने से मकान के मलबे में दब जाने से 11 लोग घायल हो गए थे। घायलों में पांच की हालत गंभीर देख डाक्टर ने जिला अस्पताल से वाराणसी के लिए रेफर कर दिया था जिनमें एक व्यक्ति की शनिवार की शाम को वाराणसी ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। घटना के दूसरे दिन दोपहर को जिला अधिकारी घायलों का हाल जानने के लिए एडीएम के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों के इलाज के लिए डाक्टर को दिशा निर्देश दिये
डोडोपुर गांव निवासी लालमन पुत्र हदीस की बहू जास्मीन शुक्रवार की शाम लगभग छह बजे घर में भोजन बना रही थी। गैस लिकेज के चलते अचानक आग लग गई। जिससे घर में रखा सिलेंडर फट जाने से लालमन के मकान के एक मंजिला मकान की छत उड़ गई और मकान ध्वस्त हो गया था । मकान के मलबे में दब जाने से 11 लोग घायल हो गए थे। घटना की खबर मिलते ही पुलिस संग प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच मलबे में दबे घायलों को बाहर निकलवाने के बाद उन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजवा दिया था
इस हादसे में लालमन, उसकी पत्नी रूपाकी, बेटी नाजा के अलावा पड़ोसी खुर्शीद के पुत्र शाहबाज, फुजैल गांव के मुल्ला, अंसार, सना, फिरदौस, मैसर, सैफ शामिल का डाक्टरों ने जिला अस्पताल में इलाज शुरू कर दिया था। गंभीर रूप से पांच घायलों को डाक्टर ने शनिवार की शाम को हायर सेंटर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। वाराणसी ले जाते समय रास्ते में ही 40 वर्षीय मैसर पुत्र इसराइल की मौत हो गई। मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया इधर घटना के दूसरे दिन शनिवार की दोपहर को जिलाधिकारी राजेश कुमार एडीएम प्रशासन नरेंद्र कुमार सिंह के साथ घायलों का हाल जानने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। डीएम ने अस्पताल में भर्ती घायलों को आपातकाली आवश्यक सेवाएं देने के लिए सीएमओ के साथ ही एसआईसी को निर्देशित किया उनहोंने कहा कि मरीजों का नि:शुल्क इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्हाेंने संक्रमण से बचाने के लिए बर्न वार्ड में डाक्टर के अलावा अन्य किसी के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया
आज़मगढ़ से
सरफ़राज़ अहमद


























































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