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शारदीय नवरात्रि (दुर्गा पूजा) एवं विजयदशमी/दशहरा का पर्व मनाये जाने हेतु विस्तृत दिशा निर्देश निर्गत

आजमगढ़ जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने बताया कि शारदीय नवरात्रि (दुर्गा पूजा) एवं विजयदशमी/दशहरा का पर्व मनाये जाने हेतु विस्तृत दिशा निर्देश निर्गत किये गये हैं। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का पर्व दिनांक 07 अक्टूबर 2021 को प्रारम्भ होगा तथा दिनांक 15 अक्टूबर 2021 को विजयदशमी/दशहरा का पर्व मनाया जायेगा। शारदीय नवरात्रि (दुर्गा पूजा) एवं विजयदशमी/दशहरा का पर्व हिन्दू समुदाय द्वारा बड़ी श्रद्धा व धूम धाम से मनाया जाता है। नवरात्रि में प्रायः षष्टी तिथि को पाण्डालों में दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना की जाती है एवं पूजा अर्चना सम्पन्न होने के उपरान्त दशमी के दिन से प्रतिमाओं का विर्सजन प्रारम्भ हो जाता है। कुछ स्थानों पर दशहरा के बाद भी विर्सजन पूर्णिमा के दिन तक किया जाता है, दशहरा पर्व में पहले से ही कई स्थानों पर रामलीलाओं का मंचन प्रारम्भ हो जाता है।
इस वर्ष शारदीय नवरात्रि (दुर्गा पूजा) व विजयदशमी/दशहरा पर्व मनाये जाने हेतु कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत गृह मंत्रालय भारत सरकार व उ0प्र0 शासन द्वारा समय-समय पर जारी एसओपी/गाइडलाइन्स का सम्यक अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जिसके अन्तर्गत कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत समय-समय पर जारी एसओपी/ गाइडलाइन्स में प्रदत्त दिशा निर्देशों के अनुरूप सोशल डिस्टेसिंग व मास्क धारण करने हेतु जनमानस को जागरूक किया जाय तथा यह सुनिश्चित किया जाय कि निर्गत गाइडलाइन्स/निर्देशों का उल्लंघन किसी भी दशा में न होने पाये। कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव हेतु कार्यक्रम के आयोजक की यह निम्मेदारी होगी कि कोविड प्रोटोकाल की उद्घोषणा एवं लाउडस्पीकर के माध्यम से मास्क धारण करने तथा सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने हेतु जनमानस को जागरूक करें। प्रशासन व पुलिस द्वारा भी लाउडस्पीकर के माध्यम से कोविड प्रोटोकाल घोषणा की जाये। कोविड महामारी के दृष्टिगत कन्टेनमेन्ट जोन के बाहर धार्मिक कार्यक्रमों के सम्बंध में कन्टेनमैन्ट जोन को छोड़कर शेष स्थानो/जोन में धर्मस्थलों के अन्दर परिसर के आकार को देखते हुये मास्क की अनिवार्यता, दो गज की दूरी, सेनेटाइजर का उपयोग एवं कोविड-19 प्रोटोकाल के अनुसार अन्य सावधानियों के साथ प्रदान की गयी है। साथ ही प्रवेश द्वार पर कोविड- हेल्पडेस्क स्थापित किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। तत्क्रम में शासन द्वारा निर्गत पूर्व निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाये।
जिला मजिस्ट्रेट ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देष दिया है कि आगामी अवधि मे कानून व्यवस्था एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने हेतु तथा कोविड-19 महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए प्रदत्त शासकीय निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाय। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि नवरात्रि (दुर्गा पूजा) एवं विजयदशमी/दशहरा पर्व एवं रामलीला के मंचन के अवसर पर कोविड-19 महामारी के रोकथाम हेतु दिये गये निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय। दुर्गा पूजा पंडाल व रामलीला मंच के स्थापना की अनुमति प्रदान करते समय इस बात का ध्यान रखा जाये कि सार्वजनिक आवागमन प्रभावित न हो। मूर्तियों की स्थापना पारम्परिक परन्तु खाली स्थान पर की जाए, उनका आकार यथा सम्भव छोटा रखा जाये तथा मैदान की क्षमता से अधिक लोग न रहें। मूर्तियों के विसर्जन में यथा सम्भव छोटे वाहनों का प्रयोग किया जाए, मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम में न्यूनतम व्यक्ति ही शामिल हों, विर्सजन के रूट प्लान, विर्सजन स्थान का चिन्हांकन अधिकतम व्यक्तियों की संख्या का निर्धारण शरीरिक दूरी का पालन जैसे बिन्दुओं की पूर्व में ही योजना बना ली जाय तथा इसे दृढता से लागू किया जाय। दशहरा पर्व के पहले से ही कई स्थानों पर रामलीलाओं का मंचन प्रारम्भ हो जाता है, जो दशहरा के बाद तक चलता रहता। रामलीलाओं के दौरान विभिन्न तिथियों में शोभा यात्रायें बड़ी श्रद्धा व धूम धाम से निकाली जाती है। दशहरा के दिन जनपद के लगभग सभी छोटे-बड़े बाजारों में दशहरा मेले का आयोजन किया जाता है। इन अवसरों पर भी विशेष सर्तकता बरतते हुये तहसील/थानास्तरीय अधिकारी/कर्मचारगण तैनात किये जाये। जनपद के कुछ स्थान साम्प्रदायिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं, ऐसे स्थानों को चिन्हित कर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाए। जन सुविधाएं, यथा बिजली, पेयजल एवं साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। आकस्मिकता के दृष्टिगत सभी सरकारी अस्पतालों को तैयार हालत में रखा जाए एवं डाक्टर तथा पैरा-मेडिकल स्टॉफ की ड्यूटी राउण्ड द क्लॉक लगायी जाय। असामाजिक तत्वों एवं अफवाह फैलाने वालों पर विशेष ध्यान दिया जाए। सोशल मीडिया की राउण्ड द क्लाक मॉनिटरिंग की जाए एवं कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट संज्ञान में आते ही तत्काल ब्लाक करते हुए प्रभावी कार्यवाही की जाए। जनपद में दं0पं0सं0 की धारा 114 के अंतर्गत निरोधादेश पूर्व से ही लागू किये गये हैं। इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। थाने पर उपलब्ध त्यौहार रजिस्टर तथा रजिस्टर नं0-8 में उपलब्ध प्रविष्टियों का अध्ययन कर लिया जाय तथा नई परम्परा की अनुमति कदापि न दी जाय। असामाजिक साम्प्रदायिक तत्वों की सूची को अद्यावधिक किया जाय और तद्नुसार आवश्यकता पड़ने पर इन साम्प्रदायिक एवं अवांछनीय तत्वों के विरुद्ध कड़ी निरोधात्मक कार्यवाही की जाय। जनपद के थानों के समस्त प्रभारी निरीक्षक व पुलिस क्षेत्राधिकारियों प्रत्येक छोटी से छोटी घटना को गम्भीरता से लेकर तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण करें एवं विवाद को हल करने तथा साम्प्रदायिक सौहार्द को बनाये रखने हेतु कड़े एवं प्रभावी उपाय सुनिश्चित करें। जनपद के अर्न्तगत विभिन्न शहरों, कस्बों तथा मोहल्लों में पूर्व में गठित शान्ति समितियों की बैठक आयोजित कर सम्भ्रान्त नागरिकों, शान्ति समितियों के सदस्यों का सक्रिय सहयोग प्राप्त कर लिया जाय।
पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ समस्त पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों तथा अभिसूचना कर्मियों की ब्रीफिंग कर उपरोक्त दिशा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने हेतु निर्देशित करें।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि इस अवसर पर प्रशासन के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों का सामना पूरी तैयारी एवं सतर्कता के साथ जनपद के सभी अधिकारी मिलकर करेंगे और असामाजिक, साम्प्रदायिकतावादी तत्वों की कार्यवाही को रोकेगें, ताकि आपसी प्रेम तथा सद्भावना के वातावरण में यह त्योहार मनाया जा सके। उन्होने कहा कि मुझे विश्वास है कि सभी संबंधित अधिकारी इस त्योहार पर अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा के साथ करेंगे और शान्ति बनाये रखने के लिए सतत् प्रयत्नषील रहेंगे। उल्लेखनीय है कि यह अनुमति इस शर्त पर दी गयी है कि कोविड प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन किया जाये। यदि जनपद मे कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि परिलक्षित होती है तो यथास्थिति तत्सम्य निर्णय में परिवर्तन भी किया जा सकता है।


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