समाजसेवी द्वारा कुछ अलग अंदाज में मनाया जाता है पितृपक्षब नका प्रथम दिन
महराजगंज -आज़मगढ़:आज मंगलवार को पितृपक्ष का प्रथम दिन है जिसको हिंदू धर्म में बड़े श्रद्धा से ही लोगों द्वारा अपनी पितरों को श्राद्ध के तौर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें संतुष्ट किए जाने की शुरुआत की जाती है । वही आजमगढ़ जनपद के महराजगंज विकासखंड क्षेत्र के देवनपुर ग्राम सभा के बृजमनी बुजुर्ग गांव के निवासी 21 अप्रैल 2008 को क्षेत्र के समाजसेवी स्वर्गीय दुर्गा प्रसाद तिवारी की मृत्यु हो गई थी जिसके बाद उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती कैलाशपति तिवारी की मृत्यु 24 जनवरी 2011 को हो गई । आज पितृपक्ष के प्रथम दिन पर हर वर्ष की भांति उनके सबसे छोटे बेटे समाजसेवी डॉ राजेश तिवारी उनकी याद में श्राद्ध का कार्य करते हैं और पूरे गांव को भोजन कराते हैं और कुछ अलग अंदाज में पितृपक्ष का प्रथम दिन मनाते हैं गांव वालों का कहना है कि डॉ राजेश तिवारी अपने पिताजी की तरह है वह हमेशा दीन दुखियों गरीबों की मदद में निरंतर लगे रहते हैं और वह खुद डॉक्टर होने के नाते गरीबों को सही समय पर इलाज कर मुफ्त दवा भी वितरण करते हैं जोकि इनके नेक कार्य से आसपास के गांव में इनकी चर्चाएं निरंतर बनी रहती हैं स्वर्गीय दुर्गा प्रसाद तिवारी के तीन बेटे हैं दो बेटे दिल्ली में में रहते हैं सबसे छोटे बेटे गांव में रहकर गरीबों की मदद करते हैं जोकि समय-समय पर दोनों बेटे दिल्ली से आकर गांव के लोगों का हाल-चाल लेकर उनके सहयोग में निरंतर लगे रहते हैं । आपको बता दें कि भाद्रपद मास की पूर्णिमा से पितृ पक्ष की शुरुआत हो जाती है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि तक पितृ पक्ष रहता है। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का बहुत अधिक महत्व होता है। पितृ पक्ष को श्राद्ध पक्ष के नाम से भी जाना जाता है। पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। इस पक्ष में विधि- विधान से पितर संबंधित कार्य करने से पितरों का आर्शावाद प्राप्त होता है और पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।



























































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