पलिया गांव में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष ने पीड़ितों की बात सुननी कहा इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएंगे
आजमगढ़: रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने पीड़ितों की बात सुनने के बाद कहा कि इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएंगे। सरकार पर हिटलर तानाशाही का आरोप लगाया और कहा कि महिला सम्मान के मामले में प्रधानमंत्री झूठ बोलते हैं। पीड़ित परिवारों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवारों को न्याय का भरोसा दिलाया। पिछले दिनों पलिया गांव में आपसी विवाद के मामले में पहुंची पुलिस से मारपीट हुई। इसके बाद आरोप है कि पुलिस ने कई घरों में तोड़फोड़ की और महिलाओं के साथ अभद्रता की। उन्होंने कहा कि 45 वर्ष से राजनीति में हूं, लेकिन अब तक इस प्रकार की पुलिस कार्रवाई नहीं देखी। यहां की घटना दर्दनाक व निंदनीय है। पलिया की घटना सरकार के महिला सम्मान का एक उदाहरण है जहां महिलाओं के साथ वह किया गया जिसे बताया नहीं जा सकता। घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के विरुद्ध अनुसूचित जाति अधिनियम के साथ डकैती का मुकदमा दर्ज करने के साथ जो नुकसान हुआ है उसकी क्षतिपूर्ति सरकार को देनी चाहिए। आश्वासन दिया कि यदि 2022 में सपा की सरकार बनती है तो दोषियों पर मुकदमे दर्ज होंगे और नुकसान का आकलन कर क्षतिपूर्ति दी जाएगी। पलिया गांव में पीड़ित महिलाओं ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आने की मांग की तो रामगोविंद ने बताया कि चूंकि मुलायम सिंह यादव दिल्ली के हास्पिटल में भर्ती हैं इसलिए वह यहां नहीं आ सके। वह पूरी घटना की जानकारी अखिलेश यादव को देंगे। विधायक दुर्गा यादव, नफीस अहमद, संग्राम यादव, एमएलसी राकेश उर्फ गुड्डू यादव सदन में मुद्दा उठाएंगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, पूर्व सांसद रमाकांत यादव, पूर्व विधायक आदिल शेख सहित अखिलेश यादव, जयराम पटेल, अभय पटेल, लौहर यादव ,हरिशंकर यादव, पारसनाथ सोनकर, शिव सागर यादव दुर्ग विजय यादव एडवोकेट सहित सैकड़ों की संख्या में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।ढ
























































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