अधिवक्ता को गैंगस्टर में निरुद्ध करना निंदनीय कृत्य- एडवोकेट संतोष राय
लालगंज आजमगढ : अधिवक्ता को गैंगस्टर में निरुद्ध करना निंदनीय कृत्य- एडवोकेट संतोष राय ने बताया कहा कि बहुत आश्चर्य का विषय है कि अधिवक्ता को गैंगस्टर जैसी कुख्यात धारा में निरुद्ध किया गया है नियमित प्रैक्टिस करने वाला अधिवक्ता भी गैंगस्टर हो सकता है यह बड़े आश्चर्य का विषय है प्रशासन की नादानी और नासमझी इसमें दिख रही है अधिवक्ताओं को फर्जी मुकदमे में फंसाकर अधिवक्ताओं के मनोबल को दबाने का जो प्रशासन का प्रयास है सफल नहीं होने पाएगा ।इसके लिए जहां तक संभव हो सकेगा लड़ाई मैं लडूंगा। उक्त विचार तहसील लालगंज के वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष राय ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान व्यक्त किया उन्होंने कहा कि फूलपुर के एक अधिवक्ता अनिल पाण्डेय को जिस मुकदमे से उनका लेना-देना नहीं था उस मामले में गंभीर धारा में निरुद्ध कर दिया गया यह औचित्य से परे का विषय लग रहा है इसी तरह से मार्टिनगंज तहसील के धीरज कुमार सिंह को भी गैंगस्टर में निरुद्ध किया गया है समझ में नहीं आता कि गैंगेस्टर की क्या परिभाषा लिख रही है पुलिस गैंगेस्टर में अधिवक्ता भी निरूद्ध हो सकता है यह बड़ा हास्यास्पद विषय है । प्रशासन इस पर गंभीरता से विचार करते हुए दोनों अधिवक्ताओं के मामलों को वापस ले ।अन्यथा बार काउंसिल उत्तर प्रदेश तक मामले को पहुंचा कर अधिवक्ता चुप नहीं बैठेंगे संघर्ष किया जाएगा अधिवक्ताओं को प्रशासन द्वारा दबाने का जो प्रयास है वह सफल नहीं हो पाएगा।
























































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