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पलिया गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद महिलाएं अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी

पलिया गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद महिलाएं अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी।
आजमगढ़ के रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में 29 जून को शाम 5:00 बजे मंगरी बाजार निवासी लिटल विश्वास उत्तर आनंद विश्वास के विवाद हो गया था। उसके बाद मारपीट तोड़फोड़ हो गई थी लिट्टन विश्वास जोकि पलिया गांव किसी लड़की से मोबाइल से बातचीत करने का विवाद था
इसके बाद रौनापार थाना के दो सिपाही मंगरी बाजार घटनास्थल पर गए ।उसके बाद पलिया गांव के लोग भी वही उपस्थित थे ग्राम प्रधान सहित।इसके बाद ग्राम प्रधान और पुलिस में कहासुनी हो गई इसके बाद पुलिस ने ग्राम प्रधान का कलर पकड़ लिया इसको देखते ही ग्रामीण भड़क गए पुलिस वालों पर टूट पड़े और मारपीट कर घायल कर दिया इसकी सूचना जब रौनापार थानाध्यक्ष तारकेश्वर राय को मिली तो उन्होंने इस बात की जानकारी एसपी आजमगढ़ दिया। 29 की रात में 9:00 बजे र चार थाने की फोर्स पलिया गांव गई और मारपीट करने वाले 3 लोगों को मकान जेसीबी लगाकर तोड़फोड़ कर दिया ।और घर में का सामान भी नष्ट कर दिया लिट्टन विश्वास पुत्र आनंद विश्वास की तरफ से एक मुकदमा रौनापार थाने में दर्ज किया गया है और पुलिस के तरफ से भी पलिया गांव के लोगों खिलाफ दर्ज किया गया है

पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद आज शनिवार को पलिया गांव की सैकड़ों महिलाएं अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गई है।
जानकारी के अनुसार ग्राम प्रधान मुन्ना पासवान व समस्त ग्रामीणों की करोड़ों की संपत्ति पुलिस द्वारा बर्बाद करने को लेकर गांव की सैकड़ों महिलाएं टूटे हुए मकान के पास ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गई है
तथा उनकी मांग हैं कि उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस घटना को संज्ञान में लेते हुए पुलिस द्वारा बर्बाद किए गए मकान व गृहस्थी के सामान महिलाओं का गहना आदि की मुआवजे दिलाने का काम करें।
वहीं महिलाओं ने कहा कि आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव की घटना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संज्ञान ले और आकर के देखे की उत्तर प्रदेश पुलिस ने हम दलित पीड़ित परिवार पर कैसा जुर्म ढाया गया है।


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