वन विभाग के पौधे बिजली विभाग पहुंचे, लेकिन हरियाली से पहले ही सूख गए दर्जनों पौधे
•बिना लगाए ही फेंक दिए गए पौधे, सरकारी अभियान को जिम्मेदारों ने बनाया मजाक; जिम्मेदार मौन
देवरिया ।पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए वन विभाग की ओर से बिजली विभाग को उपलब्ध कराए गए पौधों की कथित तौर पर जमकर अनदेखी किए जाने का मामला सामने आया है। बिजली विभाग परिसर में लगाए जाने के इंतजार में रखे गए कई दर्जन पौधे देखरेख के अभाव में सूख गए। आरोप है कि पौधों को जमीन में लगाने के बजाय इधर-उधर फेंक दिया गया, जिससे सरकारी प्रयास और संसाधन दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एक तरफ शासन और प्रशासन पौधरोपण को लेकर बड़े-बड़े अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहा है, वहीं दूसरी ओर विभागीय स्तर पर पौधों की ऐसी दुर्दशा सरकारी दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। यदि पौधे लगाए ही नहीं जाने थे तो उन्हें मंगाने और वितरित करने का औचित्य क्या था? और यदि पौधे लगाए जाने थे तो उनकी देखभाल की जिम्मेदारी किसकी थी।
बिजली विभाग परिसर में सूखे पड़े पौधे जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। पौधों को समय से रोपित करने के बजाय उन्हें यूं ही छोड़ देना न सिर्फ पर्यावरण अभियान की भावना के विपरीत है, बल्कि सरकारी संसाधनों की बर्बादी भी माना जा सकता है।
सबसे अहम सवाल यह है कि वन विभाग से पौधे लेने के बाद बिजली विभाग ने उनका क्या किया? कितने पौधे लगाए गए और कितने पौधे सूख गए? पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी किस अधिकारी या कर्मचारी की थी? इन सवालों पर विभागीय जिम्मेदारों की चुप्पी कई तरह के सवाल पैदा कर रही है।
अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेते हैं या फिर सूखे पौधों की तरह यह मामला भी फाइलों में सूखकर रह जाएगा।



























































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