बरहज बिजली कटौती के विरोध में ऐतिहासिक बंद, जनआक्रोश से थमा शहर; सरकार-प्रशासन को दी आर-पार की चेतावनी
•बाजार रहे पूरी तरह बंद, तीन घंटे चली जनसभा में जनप्रतिनिधियों पर बरसे वक्ता; पांच सूत्रीय मांगों पर आंदोलन तेज करने का ऐलान
देवरिया।बरहज में बेतहाशा विद्युत कटौती और मूलभूत नागरिक सुविधाओं की मांग को लेकर चल रहे क्रमिक अनशन के सातवें दिन सोमवार को नगर ने ऐतिहासिक बंद का गवाह बना। व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं, जिससे पूरे शहर में सन्नाटा पसरा रहा। हालात ऐसे रहे कि चाय-पान तक की दुकानें भी बंद रहीं और लोगों को आवश्यक सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। अटल तिराहे स्थित धरना स्थल दिनभर जनआक्रोश का केंद्र बना रहा।
करीब तीन घंटे तक चली विशाल जनसभा में वक्ताओं ने लोकसभा, विधानसभा और नगरपालिका चुनाव लड़ चुके जनप्रतिनिधियों पर बरहज की लगातार उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से क्षेत्र की जनता बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय ही जनता के बीच दिखाई देते हैं।
सभा को पूर्व नगर अध्यक्ष अजीत जायसवाल, पूर्व प्राचार्य प्रो. अजय मिश्र, पूर्व विधायक स्वामीनाथ यादव, प्रदीप जायसवाल, जितेंद्र भारत, प्रिंस तिवारी, ओमकार मिश्र, प्रदीप गुप्ता, अरविंद तिवारी, मुरारी अग्रवाल, सावित्री राय सहित अनेक गणमान्य लोगों ने संबोधित किया।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में नगरवासी पूरे समय डटे रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। आंदोलनकारियों का दावा है कि बंद को विफल करने की कोशिशें जनता के व्यापक समर्थन के आगे पूरी तरह नाकाम रहीं।
वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल बिजली आपूर्ति का नहीं, बल्कि बरहज के सम्मान, अधिकार और विकास की लड़ाई है। जब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।
पांच प्रमुख मांगें
बरहज में बेतहाशा विद्युत कटौती तत्काल बंद की जाए।
गौरा जाने वाली सड़क का शीघ्र निर्माण कराया जाए।
नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की तत्काल तैनाती की जाए।
मोहांव, पचोहा, गौरा और पटेल नगर में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
नगर की सभी बुनियादी नागरिक सुविधाओं में तत्काल सुधार किया जाए।
जनता का संदेश
"अब केवल आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए। यदि बरहज की उपेक्षा जारी रही तो जनता आगामी चुनाव में लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।"























































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