पढ़े बढें और आत्मनिर्भर बनें- जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह
देवरिया।राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद न्यायालय के परिसर में महिला सशक्तिकरण एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के उत्पादों, हस्तशिल्प, घरेलू उपयोग की वस्तुओं एवं स्थानीय उत्पादों हेतु स्टाल लगाकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त अवसर पर माननीय जनपद न्यायाधीश ने कार्यक्रम में उपस्थित जनों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पढ़े बढें और आत्मनिर्भर बनें इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर, आर्थिक रूप से पिछड़े और हाशिए पर मौजूद वर्गों को कानूनी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया श्रीमती अर्चना के द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए संविधान के बारे में तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, लैंगिक अपराधों तथा अन्य कानूनी मामलों से संबंधित महत्वपूर्ण विधिक प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया, महिला हेल्पलाइन तथा वन स्टॉप सेंटर द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता एवं सेवाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के उत्पादों, हस्तशिल्प, घरेलू उपयोग की वस्तुओं एवं स्थानीय उत्पादों हेतु स्टाल में न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। न्यायाधीशगण के द्वारा महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को लोगों ने खूब सराहा गया। तथा उनकी खरीदारी कर महिलाओं का उत्साहवर्धन कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया। उक्त अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार एवं स्वावलंबन का संदेश दिया गया। आयोजन से न्यायालय परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।



























































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