दुष्कर्म के फर्जी मुकदमे की साजिश का पर्दाफाश, पुलिसकर्मी समेत चार गिरफ्तार
मऊ। घोसी। मऊकोतवाली में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप में दर्ज कराए गए एक मामले की विवेचना में कोतवाली नगर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए कथित आपराधिक साजिश का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे पुलिस आरक्षी (कांस्टेबल) विशाल भारती समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वही दर्ज मुकदमे के आरोपियों को फर्जी फ़साने की घटना सामने आने पर उनका नाम मुकदमे से निकाल दिया गया।
पुलिस द्वारा विवेचना में प्रकाश में आये गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में विशाल भारती पुलिस आरक्षी (वर्तमान तैनाती पुलिस लाइन मऊ, मूल निवासी अयोध्या) के साथ आरक्षी के प्रभाव में आकर मुकदमा दर्ज कराने वाली सकीना खातून - निवासी औरंगाबाद डिहवा, थाना दक्षिणटोला, मऊ, उसके प्रेमी निसार उर्फ नेसार अहमद निवासी केड़ापुर (किड़िहरापुर), थाना भीमपुरा, बलिया, उसकी सखी जोया उर्फ गुल निहार निवासी सिंधेरा, थाना मरदह, गाजीपुर चारों आरोपियों को शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे सोनीधापा मैदान के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा ने सराहनीय कार्य के लिए इस पुलिस टीम को 10,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पुलिस के अनुसार, यह पूरी साजिश एक पुराने मामले से जुड़ी है
पुराना मामला (वर्ष 2023) 7 जुलाई 2023 को इमरान अहमद की पुत्री फिजा खातून ने आरक्षी विशाल भारती के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और अंतरंग वीडियो वायरल करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पॉक्सो और आईटी एक्ट की धाराएं भी जुड़ी थीं, जिसमें विशाल भारती करीब सात महीने जेल में भी रहा था और वर्तमान में यह मामला मऊ के सेशन कोर्ट में विचाराधीन है।
विशाल भारती ने अपने उपर दर्ज मुकदमा एवं सजा से बचने को लेकर आरक्षी विशाल भारती ने अपने साथियों के साथ मिलकर इमरान अहमद और उनकी पुत्री पर दबाव बनाने की योजना बनाई। इसी के तहत 23 जुलाई 2026 को उसने सकीना खातून के माध्यम से इमरान अहमद पर नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का फर्जी मुकदमा (मु0अ0सं0 217/2026, धारा 69 और 351(2) बीएनएस) दर्ज कराया गया।
पुलिस की कार्रवाई और धाराओं में बदलाव:
विवेचना के दौरान मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और साक्ष्यों के विश्लेषण से पूरी साजिश बेनकाब हो गई। पुलिस ने जांच में इमरान अहमद की नामजदगी को गलत पाते हुए उनका नाम मुकदमे से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसके साथ ही, मामले में सख्ती दिखाते हुए पूर्व की धाराओं को हटाकर नए सिरे से बीएनएस की धारा 217, 231 और 61(2) की बढ़ोतरी की गई है। गिरफ्तार किए गए सभी चारों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई की जा रही है।
























































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