आजमगढ़ में मिशन शक्ति का बड़ा अभियान: 26 थानों में 94 कार्यक्रम, 1,106 लोगों की चेकिंग
•नवरात्रि में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस सक्रिय, 2 के खिलाफ मुकदमा, 455 को चेतावनी; 47 वाहनों का चालान
आजमगढ़। शारदीय नवरात्रि के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत आजमगढ़ पुलिस ने व्यापक अभियान चलाया। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, एएसपी यातायात पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व और सीओ लालगंज आस्था जायसवाल के पर्यवेक्षण में जिले के सभी 26 थानों की महिला बीट पुलिस ने विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया।
पुलिस टीमों ने स्कूल-कॉलेज, ग्राम पंचायतों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
65 ग्राम पंचायतों में 94 जागरूकता कार्यक्रम
अभियान के तहत 65 ग्राम पंचायतों में 94 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में करीब 2,550 लोगों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 2,010 महिलाएं शामिल रहीं।
महिलाओं और बालिकाओं को किसी भी आपात स्थिति में मदद लेने के लिए 1090, 1098, 181 और 112 समेत विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही महिला सुरक्षा और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
एंटी रोमियो स्क्वाड ने 1,106 लोगों की चेकिंग की
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर एंटी रोमियो स्क्वाड ने 57 स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 1,106 लोगों की जांच की गई।
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान 2 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की गई, जबकि 455 लोगों को चेतावनी देकर भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने के लिए कहा गया।
स्टंटबाजों पर भी कार्रवाई
सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग रोकने के लिए पुलिस ने स्टंटबाजी करने वाले वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की। अभियान के दौरान 47 वाहनों के चालान किए गए।
इसके अलावा पुलिस ने 504 निजी टैक्सी एवं अन्य वाहनों का सत्यापन किया, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से नजर रखी जा सके।
1,912 पर्चे बांटकर किया जागरूक
महिला सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों और हेल्पलाइन नंबरों वाले 1,912 पर्चे भी लोगों के बीच वितरित किए गए।
सुरक्षा के साथ सम्मान और स्वावलंबन पर जोर
आजमगढ़ पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति फेज-6.0 का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा, अधिकार, सम्मान एवं स्वावलंबन के प्रति जागरूक करना है। पुलिस टीमों ने महिलाओं से अपील की कि किसी भी तरह की परेशानी, छेड़छाड़ या उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहें और तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन की मदद लें।
नवरात्रि के दौरान चलाए गए इस अभियान के जरिए पुलिस ने साफ संदेश दिया कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता के साथ-साथ असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई भी लगातार जारी रहेगी।



























































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