आजमगढ़ पुलिस लाइन में बेटियों के लिए कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम, IAS सिद्धार्थ सिंह ने दिए सफलता के मंत्र
•मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत करीब 300 छात्राओं ने लिया हिस्सा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की दी जानकारी
आजमगढ़। मिशन शक्ति फेज-6.0 अभियान के तहत बेटियों को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और बेहतर कैरियर के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रिजर्व पुलिस लाइन, आजमगढ़ के सभागार में कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन एडीजी वाराणसी जोन एवं डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र के निर्देशन तथा एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम की देखरेख एएसपी यातायात पंकज श्रीवास्तव ने की। इसमें करीब 300 छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
IAS सिद्धार्थ सिंह ने बताया सफलता का रास्ता
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त मजिस्ट्रेट/आईएएस सिद्धार्थ सिंह ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए सबसे पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है। इसके बाद लक्ष्य के अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से निरंतर तैयारी करनी चाहिए।
उन्होंने छात्राओं को उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम और सही उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान अनुशासन, निरंतरता और समय प्रबंधन को महत्वपूर्ण बताया।
अधिकारियों ने भी छात्राओं का बढ़ाया हौसला
कार्यक्रम में सहायक पुलिस अधीक्षक सदर ईश्वर लाल गुर्जर, क्षेत्राधिकारी कौस्तुभ त्रिपाठी और जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने भी छात्राओं को मार्गदर्शन दिया।
अधिकारियों ने छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं और अपने लक्ष्य को लेकर गंभीरता से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में मुफ्त कोचिंग
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के माध्यम से विभिन्न प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क मार्गदर्शन एवं कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है।
इनमें प्रमुख रूप से—
- UPSC
- UPPSC
- JEE Main
- NEET
- NDA
- CDS
- बैंकिंग परीक्षाएं
- SSC
- B.Ed.
- TET
सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल हैं।
बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
शारदीय नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बेटियों को शिक्षा, कैरियर और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि सही दिशा, मजबूत लक्ष्य और लगातार मेहनत के जरिए वे प्रशासनिक सेवा सहित किसी भी क्षेत्र में अपना भविष्य बना सकती हैं। मिशन शक्ति के तहत आयोजित इस पहल को बेटियों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



























































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