Azamgarh News: फर्जी B.Ed डिग्री से नौकरी पाने वाली शिक्षिका बर्खास्त, वेतन वसूली के आदेश
आजमगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) राजीव पाठक ने सहायक अध्यापिका रीता गौड़ की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। साथ ही उनकी नियुक्ति को नियुक्ति तिथि से ही शून्य घोषित करते हुए अब तक प्राप्त समस्त वेतन की वसूली के आदेश जारी किए गए हैं।
बीएसए कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, रीता गौड़ की नियुक्ति वर्ष 2010 में प्राथमिक विद्यालय कोटवा, रानी की सराय में हुई थी। वर्तमान में वह नगर क्षेत्र के बालक उच्च प्राथमिक विद्यालय बदरका में कार्यरत थीं। नियुक्ति आदेश में स्पष्ट उल्लेख था कि यदि प्रस्तुत शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाते हैं तो नियुक्ति स्वतः निरस्त मानी जाएगी।
मामले का खुलासा भदुली गांव निवासी शंकर प्रसाद योगाचार्य की शिकायत के बाद हुआ। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रीता गौड़ ने कूटरचित बीएड अंकपत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त की है। जांच के दौरान स्वामी देवानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मठलार देवरिया से प्राप्त आरटीआई जवाब में बताया गया कि वर्ष 2003 का प्रस्तुत बीएड अंकपत्र संस्थान द्वारा जारी नहीं किया गया था।
जांच में सामने आया कि अंकपत्र पर अंकित अनुक्रमांक 192735 संस्थान के अभिलेखों में दर्ज ही नहीं है। जनवरी 2025 में नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया, जिस पर शिक्षिका ने प्रमाणपत्र को सही बताया। इसके बाद महाविद्यालय से पुनः सत्यापन कराया गया। 17 मार्च 2025 की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से प्रमाणपत्र को फर्जी बताया गया।
बाद में 4 जून 2025 को एक अन्य सत्यापन रिपोर्ट में विवरण सही बताया गया, लेकिन विरोधाभास सामने आने पर बीएसए ने पुनः स्पष्टीकरण मांगा। 13 जून 2026 को महाविद्यालय के प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि 17 मार्च 2025 की रिपोर्ट ही सही है तथा 4 जून 2025 का सत्यापन पत्र संस्थान द्वारा जारी ही नहीं किया गया था। पत्र पर अंकित डिस्पैच नंबर, हस्ताक्षर और मुहर भी कूटरचित पाए गए।
अंतिम जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने रीता गौड़ की नियुक्ति को शून्य घोषित करते हुए सेवा समाप्त कर दी। साथ ही वित्त एवं लेखाधिकारी तथा खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र को अब तक आहरित समस्त वेतन की रिकवरी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इस कार्रवाई के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब अन्य संदिग्ध शैक्षिक प्रमाणपत्रों की भी व्यापक जांच कराई जा सकती है।


















































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