10 बड़े बकायेदारों का नाम सार्वजनिक करें....
जौनपुर। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कर-करेत्तर व राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा आबकारी, विद्युत, परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा की शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि वसूली में सुधार लाए। बैठक में अनुपस्थित अधिशासी अधिकारियों, मंडी सचिव एवं कम वसूली पर मंडी सचिव मुंगराबादशाहपुर को स्पस्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। नगर पालिका परिषद जौनपुर के कर निरीक्षक को भी कम वसूली के कारण स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी उपजिलाधिकारी अपनी तहसील के प्रत्येक 10 सबसे बड़े बकायेदारों के नाम चिन्हित कर उसे सार्वजनिक कर वसूली में वृद्धि लाये। तहसीलों के बोर्ड में उनके नाम अंकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतें। 05 साल से पुराने लंबित वादों का निस्तारण अभियान चलाकर कराये। धारा 24 की पेंडेंसी का भी निस्तारण कराये।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम प्रकाश, समस्त उप जिलाधिकारी/तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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●राष्ट्रीय लोक अदालत में 7 हजार वाद निस्तारित,
जौनपुर। जनपद न्यायाधीश/ अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एम0 पी0 सिंह के निर्देशन में जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। लोक अदालत का उद्घाटन दीप प्रज्जवलित कर तथा मॉं सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर माननीय जनपद न्यायाधीश परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश तथा अन्य अपर प्रधान न्यायाधीशगण, अपर जनपद न्यायाधीशगण, अध्यक्ष, स्थायी लोक अदालत तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया। जिसमें अन्य न्यायिक अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, जौनपुर मनोज कुमार सिंह गौतम द्वारा मॉं सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्जवलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया। उनके द्वारा निस्तारण हेतु एमएसीटी के 72 वाद लगाये गये जिनमें से 46 वादों का निस्तारण कराते हुए 2 करोड़ 30 लाख 20 हजार रूपये की प्रतिकर धनराशि याचीगण को दिलायी गयी।
इस लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित शमनीय अपराध के 3473 मुकदमें लगाये गये कुल 2726 मुकदमें निस्तारित किये गये, जिनपर 1 लाख 89 हजार 90 रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया। दीवानी के कुल 225 वाद लगाये गये जिनमें से 150 वाद निस्तारित किये गये तथा 2 करोड़ 69 लाख 11 हजार 835 रू0 के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र निर्गत किये गये। विद्युत अधिनियम के अंतर्गत 71 वाद लगाये गये जिनमें 71 मुकदमों का निस्तारण किया गया। परक्राम्य अधिनियम (एन0आई0 एक्ट) के अंतर्गत 08 वादों का निस्तारण किया गया तथा अन्य प्रकार के 05 मुकदमें निस्तारित हुए। वैवाहिक/पारिवारिक न्यायालयों से सम्बन्धित कुल 57 वाद लगाये गये जिनमें से कुल 52 वाद निस्तारित कराते हुए 38 लाख 88 हजार रूपये भरण-पोषण की धनराशि सायला को दिलवायी गयी। लम्बित कुल 3473 मुकदमें लगाये गये जिसमें से 2726 वादों का निस्तारण कराते हुए 5 करोड़ 40 लाख 08 हजार 925 रूपये वसूली की गयी।
जनपद के राजस्व न्यायालयों द्वारा प्री-लिटिगेशन स्तर पर निस्तारण हेतु राजस्व के 584 मुकदमें लगाकर 584 मुकदमों, फौजदारी के 1791 मुकदमें लगाकर 1791 वादों तथा बी0एस0एन0एल0 के 621 वादों मे से 19 वादों का निस्तारण कराकर समझौता राशि 32 हजार 350रू की वसूली की गयी तथा राजस्व न्यायालयों द्वारा अन्य प्रकार के 778 मुकदमें लगाकर 797 का एवं नगर पालिका द्वारा जलकर से सम्बन्धित 24 वाद लगाकर 24 वादों का निस्तारण किया गया।




















































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