श्री रामचंद्र जी गुरु की आज्ञा पाकर शिव के धनुष को कई खंडों में तोड़ कर सीता जी ..…
बिलारमऊ -आजमगढ़ : फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आज बिलार मऊ गांव में 8 दिसंबर को अच्छे कलाकारों के द्वारा धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया गया जोकि इसे देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ लग जाती हैं यहां पर प्रतिवर्ष की भांति मेला भी लगता है इसकी कुछ कथाएं प्रचलित हैं रामायण के अनुसार सीता जी के स्वयंवर में जनक जी देश देशांतर के राजाओं को निमंत्रण भेजते हैं और राजाओं का आगमन होता है जनक जी शिव के धनुष की पूजा करते हैं और जनक जी अपने प्रण को सुनाते हैं और कहते हैं की जो राजा शिव के धनुष को तोड़ेगा उसी के साथ सीता का विवाह होगा यही उनका प्रण था सारे राजा बारी बारी से धनुष को तोड़ने का प्रयास करते हैं लेकिन कोई राजा हिला तक नहीं पाया अंत में श्री रामचंद्र जी गुरु की आज्ञा पाकर शिव के धनुष को कई खंडों में तोड़ देते हैं और सीता जी उनके गले में जय माल डाल देती हैं इस तरह राम और सीता का विवाह हो जाता है यह कथा बहुत ही लंबी है इस मौके पर संत प्रसाद चौरसिया जय हिंद चौरसिया रामकुमार सेठ ओमप्रकाश राजकुमार विश्वकर्मा राम प्रसाद चौरसिया आदि रामलीला के कार्यकर्ता लोग मौके पर मौजूद रहे ।




















































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