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तम्बाकू मुक्त उत्तर प्रदेश के क्रम में एक सकारात्मक पहल : आजमगढ़


आजमगढ़ 22 नवम्बर-- अपर जिलाधिकारी प्रशासन अनिल कुमार मिश्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सचल दल एवं निगरानी समिति की वैठक का आयोजन किया गया।
नोडल अधिकारी तम्बाकू नियंत्रण डॉ0 युगल किशोर राय ने बताया की पिछले कुछ सालों में भारत के साथ ही पूरे विश्व भर में धूम्रपान करने और उससे पीड़ित लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। उत्तर प्रदेश GATS-2 के अनुसार वर्तमान समय में धुम्रपान करने वालों का प्रतिशत 13.5 एवं धुवाँ रहित तम्बाकू सेवन करने वालों का प्रतिशत 29.4 है। इस गंभीर लत ने कई लोगों को मौत का ग्रास तक बना दिया। नोडल अधिकारी ने वताया कि अभी हाल ही में भारत सरकार द्वारा जारी ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे-2021 जारी किया गया, जसके अनुसार 23 प्रतिशत लड़कों एवं 24 प्रतिशत लडकियों द्वारा किसी न किसी रूप में तम्बाकू उत्पादों का उपयोग, 22 प्रतिशत विद्यार्थियों द्वारा सार्वजानिक स्थानों पर परोक्ष धुम्रपान (सेकेण्ड हैण्ड स्मोक) किया जा रहा है। साथ ही साथ हम GATS-2 के रिपोर्ट को देखें तो 23.1 प्रतिशत पुरुष, 3.2 प्रतिशत महिलाएं और सभी वयस्कों का 13.5 प्रतिशत वर्तमान में तंबाकू का सेवन करते हैं। 42.6प्रतिशत पुरुष, 15.2 प्रतिशत महिलाएं और सभी वयस्कों का 29.4 प्रतिशत वर्तमान में धूम्ररहित तंबाकू का प्रयोग कर रहे है।
उन्होने कहा कि नशा भले ही शान और लत के लिए किया जाता हो, पर यह जिंदगी की बेवक्त आने वाली शाम का भी मुख्य कारण है, जो कब जीवन में अंधेरा कर जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। आप इसका मजा भले ही दिनभर के कुछ सेकंड के लिए लेते हैं, लेकिन यह मजा, कब आपके लिए जिंदगी भर की सजा बन जाए, आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते।
क्षेत्रीय समन्वय दिलीप कुमार पाण्डेय (यूपीवीएचए) ने वताया कि तम्बाकू नियंत्रण कानून कोटपा-2003 प्रभावी रूप से लागू करने एवं जन समुदाय के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार एवं राज्य सरकार समय समय पर अनेक प्रयास करती रही है, जिसमें प्रमुख रूप से देखा जाय तो हुक्का बार व ई-सिगरेट पर पूर्ण प्रतिबंध प्रमुख प्रयास रहे है, साथ ही तम्बाकू नियंत्रण कानून कोटपा-2003 कानून को शःशक्त वनाने हेतु उसके नियमो एवं उपनियमों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गयी। उनके द्वारा सिगरेट एंड अदर टोबेको प्रोडक्ट (कोटपा) अधिनियम 2003 की विभिन्न धाराओं पर चर्चा की गयी। धारा 4- सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध है, 200 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। होटल, रेस्तरां, सिनेमा हॉल, मॉल आदि के मालिकों को 60 सेमी 60 सेमी X30 सेमी बोर्ड पर नो स्मोकिंग बोर्ड प्रदर्शित करना चाहिए। धारा 5- तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर प्रतिबंध। तम्बाकू उत्पाद बेचने वाली दुकानों को 60 सेमीX45 सेमी का बोर्ड प्रदर्शित करना चाहिए, जिसमें तम्बाकू के कारण कैंसर होते हैं। उल्लंघन करने पर 1000 रुपये से 5000 रुपये जुर्माना या 5-10 साल की कैद हो सकती है। धारा 6(क)-18 वर्ष से कम आयु के नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध। धारा 6(ख)- शिक्षा संस्थान के 100 यार्ड के भीतर तंबाकू उत्पादों की बिक्री दंडनीय है। उल्लंघन करने पर 200 रुपये तक जुर्माना हो सकता है। उन्होंने कोटपा अमेंडमेंट और जे.जे. एक्ट पर भी चर्चा की।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये गए।
अंत में नोडल अधिकारी डॉ0 राय ने कार्यशाला में उपस्थित सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
बैठक में जनपद स्तर के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

----जि0सू0का0 आजमगढ़-22-11-2021-----


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