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किसानों को सिंचाई के लिए ड्रिप व स्प्रिंकलर के सिस्टम स्थापना पर 90 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य एवं फसलों की खेती पर 40 से लेकर 60 प्रतिशत का अनुमन्य अनुदान देय

 30 अप्रैल-- जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव ने बताया कि किसानों की आय को दृष्टिगत रखते हुए उनकी आय को दो गुना करने के लिए केन्द्र सरकार की योजनाएं किसानों तक पहुंचने लगी हैं। किसानों को सिंचाई के लिए ड्रिप व स्प्रिंकलर के सिस्टम स्थापना पर 90 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य है एवं फसलों की खेती पर 40 से लेकर 60 प्रतिशत का अनुमन्य अनुदान देय है। 
आजादी का अमृत महोत्सव किसान भागीदारी प्राथमिकता हमारी कार्यक्रम अन्तर्गत जनपद के सभी विकास खण्डों में 25 से 01 मई 2022 तक चौपाल लगाया जा रहा है। जिसमें मशरूम, मधुमक्खी एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अन्तर्गत योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। मेंहनगर के ग्राम रसूलपुर में जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव के नेतृत्व में चौपाल लगायी गयी। केन्द्र और राज्य सरकार से अनुदानित उद्यान विभाग की संचालित योजनाएं के बारे में कृषकों को जागरूक किया गया एवं आम, अमरूद, केला, मिर्च, शिमला मिर्च, लहसुन, प्याज, पान एवं मधुमक्खी पालन आदि के लिए योजनाओं एवं अनुदान से सम्बन्धित जानकारी दी गयी है। ग्राम कटहन, खेवसीपुर, देवइत आदि गांवों के चौपाल में किसानों ने भी प्रतिभाग किया। 
जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव ने बताया कि ड्रिप सिस्टम स्थापना यंत्र में टपक विधि से सिंचाई की जाती है तथा स्प्रिंकलर यंत्र फव्वारा विधि से सिंचाई की जाती हैं। इस सिंचाई में पानी की बर्बादी नहीं होती है। पानी केवल पौधों की जड़ों में देने से पानी की बचत होती है। इस विधि से सिंचाई करने पर 40 प्रतिशत पानी की बचत होती है। पानी देने के लिए मेड़ व नालियों बनाने की जरूरत नहीं होती है। केवल जड़ों में पानी देने से खेत में खरपतवार के उगने में नियंत्रित होता है। ड्रिप सिंचाई पद्धति से लवणीय भूमि में बागवानी संभव होती है। फसलों में बीमारी एवं कीड़े-मकोड़ों पर प्रभावी नियंत्रण रहता है, जिससे फसल उत्पादन की क्षमता दो गुना हो जाती है। 
उन्होने बताया कि ड्रिप, स्प्रिंकलर खरीद पर 90 फीसद, संकर प्रजाति खेती पर 40 प्रतिशत, मसाला फसल पर 40 प्रतिशत, बागवानी फसलों पर 50 प्रतिशत, पुष्प की खेती पर 40 प्रतिशत, पान की खेती पर 40 प्रतिशत, सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण पर 35 प्रतिशत, मधुनिष्कासन यंत्र पर 50 प्रतिशत अनुदान मिल रहा है। 
अन्त में जिला उद्यान अधिकारी श्रीमती ममता यादव द्वारा समस्त कृषकों का आभार प्रकट करते हुए चौपाल के समापन की घोषणा की गयी।

-------जि0सू0का0 आजमगढ़-30.04.2022--------


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