वीजा बनवाने के नाम पर ठगी के शिकार दो युवकों को घोसी साइबर टीम ने वापस कराया 2.07 लाख रुपये
घोसी।मऊ। विदेश भेजने और वीजा बनवाने के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हुए दो युवकों को घोसी पुलिस की साइबर टीम त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने ठगी गई 2 लाख 7 हजार 900 रुपये की धनराशि पीड़ितों के खातों में वापस करा दी।
जानकारी के अनुसार करीमुद्दीनपुर निवासी मो. शोहराब से साइबर ठगों ने वीजा बनवाकर विदेश भेजने का झांसा देकर 2 लाख 99 हजार 500 रुपये की ठगी कर ली थी। पीड़ित ने 14 जून 2026 को राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद घोसी साइबर टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और ठगी गई रकम को विभिन्न स्तरों पर होल्ड कराते हुए 2 लाख रुपये वापस कराने में सफलता हासिल की।
इसी प्रकार दूसरे मामले में मदापुर समसपुर निवासी आर्यन कुमार गौड़ से भी साइबर ठगों ने वीजा बनवाने के नाम पर 7 हजार 900 रुपये की ठगी की गई थी। साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद टीम ने मामले की जांच कर पूरी धनराशि पीड़ित को वापस दिला दी।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में की गई। प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र नाथ राय और साइबर टीम ने दोनों मामलों में प्रभावी पैरवी करते हुए पीड़ितों को राहत दिलाई।
धनराशि वापस मिलने पर दोनों पीड़ितों ने घोसी पुलिस और साइबर टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश भेजने, नौकरी दिलाने या वीजा बनवाने के नाम पर ऑनलाइन भुगतान करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें।
साइबर टीम में एसआई प्रकाश सिंह (नोडल अधिकारी), एसआई दिनेश यादव (सहायक नोडल अधिकारी), हेड ऑपरेटर अरविंद यादव, महिला आरक्षी काजल सिंह और महिला आरक्षी पुष्पलता पाण्डेय शामिल रहीं।
























































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