आजमगढ़ समेत मंडल के 48 एडीओ पंचायतों को नोटिस सीएससी सेवाओं, तालाब विकास, डिजिटल लाइब्रेरी और ऑनलाइन उपस्थिति में खराब प्रगति पर मांगा स्पष्टीकरण
आजमगढ़। पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं के संचालन में ग्राम पंचायत स्तर पर लगातार बरती जा रही लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए मंडलीय उप निदेशक कार्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। खराब प्रगति पर आजमगढ़, मऊ और बलिया जनपदों के सभी 48 विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। मंडलीय उप निदेशक कार्यालय के अनुसार विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठकों में एडीओ पंचायतों को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद योजनाओं की प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उच्चस्तरीय बैठकों में बार-बार मंडल की खराब प्रगति सामने आने से जिला पंचायत राज अधिकारियों (डीपीआरओ) के साथ-साथ मंडलीय उप निदेशक को भी कारण बताओ नोटिस और स्पष्टीकरण का सामना करना पड़ रहा है। 23 जून को ओएसआर पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन आंकड़ों की समीक्षा में पाया गया कि बलिया, मऊ और आजमगढ़ की ग्राम पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से प्रदान की जाने वाली ऑनलाइन सेवाओं की संख्या बेहद कम है। इसके अलावा "मेरा तालाब, मेरी जिम्मेदारी" अभियान के तहत तालाबों के विकास कार्यों में भी अपेक्षित प्रगति नहीं मिली। समीक्षा में यह भी सामने आया कि पंचायत सहायकों की मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति नियमित नहीं हो रही है। वहीं डिजिटल लाइब्रेरी स्थापना और गेट-वे पोर्टल के जरिए ग्राम पंचायत कार्यालयों में उपलब्ध कराए गए कंप्यूटर सेट होने के बावजूद कई स्थानों पर अन्य जगहों से भुगतान किए जाने की शिकायतें मिली हैं। इसके अलावा पिछले वर्ष चयनित अंत्येष्टि स्थलों पर निर्माण कार्य भी निर्धारित गति से नहीं होने पर नाराजगी जताई गई है। मंडलीय उप निदेशक कार्यालय ने सभी संबंधित एडीओ पंचायतों को योजनाओं में तेजी लाने, कमियों को तत्काल दूर करने और निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।





















































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