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आजमगढ़ जेल ब्रेक केस: 10 साल से फरार 1-1 लाख के इनामी शेखर और प्रकाश STF के शिकंजे में

सिधारी, आजमगढ़। उत्तर प्रदेश एसटीएफ लखनऊ और थाना सिधारी पुलिस की संयुक्त टीम ने 10 वर्ष पुराने चर्चित आजमगढ़ जेल ब्रेक मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए ₹1-1 लाख के दो इनामी फरार बंदियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी वर्ष 2016 में जिला कारागार आजमगढ़ से फरार हुए थे और पिछले एक दशक से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे थे।

पुलिस के अनुसार, 18 अगस्त 2016 को जिला कारागार आजमगढ़ से तीन विचाराधीन बंदी फरार हो गए थे। इस संबंध में थाना सिधारी में मु0अ0सं0 157/2016 के तहत धारा 223/224 भारतीय दंड संहिता (भादवि) में मुकदमा दर्ज किया गया था। लंबे समय तक गिरफ्तारी न होने पर शासन द्वारा तीनों फरार बंदियों पर ₹1-1 लाख का इनाम घोषित किया गया था।

17 जून 2026 को एसटीएफ लखनऊ और थाना सिधारी पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर चन्द्रशेखर उर्फ शेखर पुत्र स्वर्गीय लालजी मुसहर (37 वर्ष) तथा प्रकाश मुसहर पुत्र बुद्धन मुसहर (52 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। चन्द्रशेखर मूल रूप से वाराणसी जनपद के लस्करपुर का निवासी है और हाल के दिनों में गाजीपुर के गहमर क्षेत्र में रह रहा था, जबकि प्रकाश गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र स्थित दुर्खुसी गांव का निवासी है।

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बताया कि जिला कारागार से फरार होने के बाद वे पंजाब चले गए थे। वहां उन्होंने खेती और मजदूरी कर अपनी पहचान छिपाकर कई वर्षों तक जीवनयापन किया। करीब 10 साल बाद जब वे गाजीपुर जाने के उद्देश्य से आजमगढ़ पहुंचे तो पहले से सक्रिय पुलिस और एसटीएफ टीम ने घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में एसटीएफ लखनऊ के निरीक्षक आशुतोष कुमार त्रिपाठी, निरीक्षक ओम शंकर शुक्ला, हेड कांस्टेबल दिलीप कुमार, हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह तथा थाना सिधारी के निरीक्षक शशिचन्द्र चौधरी, उपनिरीक्षक जावेद सिद्दीकी, कांस्टेबल गौरव जायसवाल और कांस्टेबल हिमांशु सिंह बघेल की अहम भूमिका रही।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जेल ब्रेक मामले में फरार तीसरे इनामी बंदी की तलाश लगातार जारी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।


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