Health News / स्वास्थ्य समाचार

100 शैय्या चिकित्सालय टड़ियांव का सीडीओ ने किया आकस्मिकनिरीक्षण, तीनदर्जन से अधिक अधीक्षक सहित स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित

घोसी। मऊ। मुख्य विकासअधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति परखने को लेकर घोसी स्थित 100 शैय्या चिकित्सालय टड़ियांव का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ को अस्पताल में चारों तरफ अव्यवस्थाओं और गंभीर कमियों का अंबार देखने को मिला, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। कार्यवाही का दिया निर्देश।
 44 अधिकारी व कर्मचारी मिले नदारद, मची खलबली:
निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय की अनुशासनहीनता पूरी तरह उजागर हो गई। अस्पताल के अधीक्षक सहित कुल 44 अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी से गायब पाए गए। इतनी बड़ी संख्या में स्टाफ के अनुपस्थित रहने पर सीडीओ ने इसे बेहद गंभीरता से लिया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को इन सभी के खिलाफ तत्काल कड़ी और उचित कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। बंद मिला ऑपरेशन थियेटर, ऑक्सीजन और लिफ्ट भी ठप
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की जो तस्वीर सामने आई, वह बेहद चिंताजनक थी।
 बंदओपीडी व वार्ड मिले:
अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बंद थीं और मरीजों को भर्ती तक नहीं किया जा रहा था।
  ऑक्सीजन प्लांट नियमित रूप से न चलने के कारण पाइपलाइन के जरिए वार्डों और कमरों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति पूरी तरह ठप थी।
 अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर (OT) बंद पाया गया।
 शो-पीस बनी मशीनें लाखों की लागत से बनी आधुनिक एक्स-रे मशीन का कोई उपयोग नहीं हो रहा था, जिससे उसके खराब होने की आशंका जताई गई। साथ ही अस्पताल की लिफ्ट भी बंद पड़ी थी।
गंदगी का अंबार, गंदी बेडशीट और दवाओं में लापरवाही:
तीन मंजिला अस्पताल भवन और परिसर में चारों तरफ व्यापक गंदगी और अव्यवस्था का बोलबाला था। परिसर में जगह-जगह घास-फूस उगी हुई थी और सफाई व्यवस्था पूरी तरह शून्य थी। वार्डों के बेड पर कई दिनों पुरानी और दागयुक्त बेडशीटें बिछी हुई थीं।
इसके अलावा, दवाओं के रख-रखाव में भी भारी लापरवाही सामने आई। दवाओं का कोई समुचित रिकॉर्ड (अभिलेखीकरण) नहीं था। स्टॉक पंजिका अधूरी थी और जल्द एक्सपायर होने वाली दवाओं को अलग से सुरक्षित रखने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी निरीक्षण के बाद मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि चिकित्सालय अधीक्षक का डॉक्टरों और कर्मचारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने अधीक्षक को अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के सख्त निर्देश दिए हैं। सीडीओ ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलीं और व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त नहीं हुईं, तो दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


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