बच्चों को तराशने के साथ ही मिट्टी को भी तराश कर देते हैं मूर्त रूप - शिक्षक सुबाष प्रजापति
दीदारगंज -आजमगढ़।मार्टीनगंज तहसील क्षेत्र के पुष्पनगर गांव निवासी युवा तेजतर्रार मां सकुंतला डिग्री कालेज मतलूबपुर के शिक्षक सुबाष प्रजापति कुम्भकार जाति में पैदा हुए और इन्होंने अपनी शिक्षा बी एससी बायोटेक,बी एड,टेट
परीक्षा पास कर अपने घर से कुछ ही मीटर दूर पर डिग्री कालेज में शिक्षण कार्य करते हैं और घर आने पर अपने पुस्तैनी काम माटी कला को नहीं भूलते हैं और पूरी तन्मयता से जैसे बच्चों को तराशने का कार्य करते हैं ठीक उसी तरह से मिट्टी को तराश कर मिट्टी को मूर्त रुप देकर तमाम तरह के जीवनोपयोगी वर्तनों, खिलौनों, मूर्तियों जैसे मैजिक दीया,कप प्याला,पानी वाला जग,मंदिर दीपक,धूपदानी,गोलक,छठ दीया,अचार वाला बर्तन, कड़ाही, भगौना,गमला,नदिया दूध पकाने वाली,लैम्म दीपक, स्टैंड दीपक,प्लेट छोटा बड़ा ,नारियल दीप आदि तैयार करते हैं किसी भी तरह का सामान हो बिना संकोच बनाते हैं इनके द्वारा तैयार किए हुए सामान को मिट्टी बर्तन के शौकीन लोग सात समंदर पार ले जाते हैं। इसके साथ साथ निजामाबाद की तर्ज पर ब्लैक पाटरी का भी उत्पाद सुबाष प्रजापति के द्वारा किया जाता है उत्पाद को खरीदने के लिए लोग दूर-दूर से आते रहते हैं मिट्टी के बर्तनों से अच्छी खासी कमाई भी होती रहती है।



















































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