कोर्ट के स्थगन आदेश के बाद भी 20 साल पुराने 10 सागौन के पेड़ काटे, डीएफओ से शिकायत
देवरिया ।बरहज तहसील के डुमरिया कोल गांव में न्यायालय के स्थगन आदेश का उल्लंघन कर 20 साल पुराने सागौन के 10 पेड़ काट दिए गए। पीड़ित रमाशंकर यादव ने जिला वनाधिकारी, देवरिया को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
रमाशंकर यादव पुत्र स्व. तिलक यादव ने बताया कि वे 5 जून को आवश्यक कार्य से लखनऊ गए थे। इसी दौरान विपक्षी राजेंद्र यादव और धर्मराज यादव पुत्रगण पलक यादव ने बिना अनुमति उनकी आराजी संख्या 16 में लगे सागौन के 10 पेड़ काट दिए।
रमाशंकर के अनुसार इस भूमि को लेकर राजस्व परिषद, लखनऊ में निगरानी संख्या 2892/2025 श्री कृष्ण बनाम रमाशंकर विचाराधीन है। इस मामले में न्यायालय ने पिछले वर्ष 23 जुलाई को दोनों पक्षों को मौके पर यथास्थिति बनाए रखने का अंतरिम स्थगन आदेश पारित किया था। मामले की अगली तारीख 24 जुलाई को है।
पीड़ित ने बताया कि वे घर में अकेले हैं। लखनऊ से लौटकर जब उन्होंने पेड़ कटे देखे तो तुरंत डीएफओ को सूचना दी। रमाशंकर यादव ने प्रार्थना पत्र में बिना अनुमति पेड़ काटने वाले लोगों पर वन अधिनियम के तहत रपट दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्थगन आदेश के बाद भी पेड़ काटे जाना न्यायालय की अवमानना है।
पूछे जाने पर वन क्षेत्राधिकारी गौतम मौर्य ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि मौके की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की टीम जल्द ही डुमरिया कोल गांव जाकर क्षति का आकलन करेगी।























































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