आजमगढ़ में धूमधाम से मनाई गई महर्षि वाल्मीकि जयंती, मंदिरों में रामायण पाठ और भजन से भक्तिमय हुआ माहौल
•डीएम रविन्द्र कुमार के निर्देशन में जिलेभर में हुए आयोजन, संस्कृति विभाग के कलाकारों ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम
आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में जनपदभर में महर्षि वाल्मीकि जयंती श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जिले के विभिन्न मंदिरों और आश्रमों में भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मंदिरों में रामायण पाठ, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के विचारों तथा उनके द्वारा रचित रामायण में निहित आदर्शों का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने महर्षि वाल्मीकि के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदि कवि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित विश्व प्रसिद्ध कालजयी कृति रामायण सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों की स्थापना का आदर्श प्रस्तुत करती है। रामायण में वर्णित आदर्श जीवन, कर्तव्य, मर्यादा, त्याग और मानवीय संवेदनाएं आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा वर्णित राम-जानकी मार्ग और राम वन गमन मार्ग से जुड़े अनेक स्थल आज भी भारत में मौजूद हैं, जहां हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत के मूल तत्व सुरक्षित हैं।
जनपद, तहसील और विकासखंड स्तर पर गठित हुईं समितियां
महर्षि वाल्मीकि जयंती के भव्य एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद, तहसील और विकासखंड स्तर पर समितियों का गठन कराया गया था। इन समितियों के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया गया। प्रशासन के मार्गदर्शन में धार्मिक स्थलों पर कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की व्यवस्था की गई।
कलेक्ट्रेट में रामायण की पुस्तकें भेंट कर किया गया प्रचार-प्रसार
महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में निहित मानवीय, सामाजिक और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण सहित आमजन को रामायण की पुस्तकें भेंट कीं।
इस पहल के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के साहित्य, उनके विचारों और रामायण में वर्णित आदर्शों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
मंदिरों में रामायण पाठ, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम
जिलाधिकारी के निर्देश पर पर्यटन अधिकारी नवीन सिंह की देखरेख में संस्कृति विभाग के 10 चयनित कलाकारों ने जनपद के प्रमुख मंदिरों में रामायण पाठ, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक वातावरण को भक्तिमय बनाया गया और महर्षि वाल्मीकि की रचनाओं तथा भारतीय संस्कृति की महत्ता को रेखांकित किया गया।
जिलेभर में आयोजित इन कार्यक्रमों के जरिए महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया गया। प्रशासन के निर्देशन में आयोजित जयंती समारोह ने भारतीय साहित्य, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया।






















































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