पति की लंबी उम्र की कामना में सुहागिनें रखेंगी निर्जला व्रत, सोलह शृंगार और चांद के दीदार का रहेगा इंतजार
करवा चौथ पर सजेगा सुहाग का थाल, चांद के दीदार का रहेगा इंतजार
देवरिया। पति-पत्नी के अटूट प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक करवा चौथ पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। दिनभर उपवास के बाद शाम को सुहाग का थाल सजाकर महिलाएं चांद के दीदार का इंतजार करती हैं।
करवा चौथ को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बाजारों में मेहंदी, चूड़ियों, साड़ी, सोलह शृंगार और पूजा सामग्री की खरीदारी शुरू हो गई है। महिलाएं इस खास दिन के लिए अपनी तैयारियों में जुटी हैं। हाथों में मेहंदी रचाने से लेकर सोलह शृंगार तक की तैयारियां की जा रही हैं।
करवा चौथ सिर्फ एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण को मजबूत करने वाला अवसर भी माना जाता है। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद जब महिलाएं चांद को देखकर पति के हाथों से पानी ग्रहण कर व्रत खोलती हैं, तो वह पल उनके लिए बेहद भावुक और यादगार होता है।
पहली बार करवा चौथ को लेकर उत्साहित हैं शिखा
देवरिया की भुजौली कॉलोनी निवासी शिखा श्रीवास्तव का यह पहला करवा चौथ है। उन्होंने कहा कि पहला करवा चौथ उनके वैवाहिक जीवन के लिए बेहद खास और यादगार रहेगा।
शिखा ने कहा, “मेरा यह पहला करवा चौथ वैवाहिक जीवन को एक नया आधार देगा। पति के हाथ से पानी ग्रहण कर उपवास खोलने का पल मेरे लिए बहुत ही स्नेह और विश्वास से भरा होगा। इससे हमारे बीच प्यार और भी बढ़ेगा।”
महिलाओं का कहना है कि पति-पत्नी के रिश्ते की मजबूती केवल परंपराओं से नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, विश्वास, सम्मान और एक-दूसरे का साथ निभाने से होती है। करवा चौथ इसी भावना को और गहरा करने का अवसर देता है।






















































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