दीदारगंज पुलिस ने आजादनगर बाजार से दबोचा, कूटरचित अभिलेखों के जरिए अनुदान हड़पने का आरोप
•फर्जी मदरसे के नाम पर सरकारी धन के गबन में फरार आरोपी गिरफ्तार, SIT जांच में बड़ा एक्शन
दीदारगंज आजमगढ़। दीदारगंज थाना पुलिस ने अस्तित्वहीन मदरसे के नाम पर सरकारी अनुदान का दुरुपयोग करने और कूटरचित अभिलेख तैयार कर सरकारी धन के गबन के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
पुलिस के अनुसार, 19 फरवरी को राज्य विशेष अपराध अनुसंधान दल (एसआईटी), मुख्यालय उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निरीक्षक के.बी.पी. सिंह की तहरीर पर थाना दीदारगंज में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में ग्राम पाइन्दापुर, फूलपुर स्थित "गफ्फरुल ओलूम" नामक अस्तित्वहीन मदरसे (मदरसा आईडी-191100507) के नाम पर कूटरचित अभिलेख तैयार कर विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने और सरकारी धन का गबन करने का मामला सामने आया था।
मामले में मदरसे के प्रबंधक, शिक्षक तथा मान्यता प्रदान करने से जुड़े अधिकारियों के विरुद्ध भी मुकदमा दर्ज कर एसआईटी द्वारा विवेचना की जा रही थी। इसी प्रकरण में आरोपी जितेन्द्र सिंह चौहान लंबे समय से फरार चल रहा था।
लगातार प्रयासों के बाद दीदारगंज पुलिस ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को सुबह करीब 9:05 बजे आजादनगर बाजार से वांछित आरोपी जितेन्द्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामले की विवेचना जारी है और जांच के आधार पर अन्य आरोपितों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



























































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