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मेडिकल कॉलेज जौनपुर में मनाया गया विश्व तंबाकू निषेध दिवस, तंबाकू के दुष्प्रभावों पर किया गया जागरूक

जौनपुर। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन तंबाकू निषेध के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार एवं कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह के नेतृत्व में प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. आर.बी. कमल एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. ए.ए. जाफरी के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. आर.बी. कमल के संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस का उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन के खतरों के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष की थीम “आकर्षण का पर्दाफाश – तंबाकू एवं निकोटीन की लत का मुकाबला” रखी गई है। उन्होंने कहा कि तंबाकू एक धीमा जहर है, जो सिगरेट, बीड़ी, गुटखा या खैनी किसी भी रूप में शरीर को भीतर से नुकसान पहुंचाता है। तंबाकू सेवन से कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की गंभीर बीमारियां होती हैं। इसका दुष्प्रभाव केवल सेवन करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके आसपास रहने वाले लोग भी प्रभावित होते हैं।
उन्होंने लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए स्वास्थ्यवर्धक विकल्प अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि तंबाकू की इच्छा होने पर इलायची जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्पों का उपयोग कर धीरे-धीरे इस आदत से छुटकारा पाया जा सकता है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. ए.ए. जाफरी ने बताया कि तंबाकू केवल फेफड़ों और हृदय को ही नहीं, बल्कि त्वचा एवं शरीर के बाहरी अंगों को भी प्रभावित करता है। लंबे समय तक तंबाकू सेवन करने से हथेलियों और उंगलियों की त्वचा काली पड़ना, रूखी होना तथा झुर्रियां पड़ना जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यह रक्त संचार को प्रभावित कर शरीर के अंगों की कार्यक्षमता पर भी असर डालता है।
डेंटल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ले. कर्नल सी.बी.एस. पटेल ने बताया कि तंबाकू सेवन मुख कैंसर (ओरल कैंसर) का प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि मुंह में लगातार छाले होना, मुंह कम खुलना, लाल या सफेद धब्बे दिखाई देना, निगलने में कठिनाई तथा मुंह के अंदर गांठ या घाव बनना मुख कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। समय रहते तंबाकू छोड़कर इन गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
टीबी एवं चेस्ट विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अचल सिंह ने कहा कि तंबाकू फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण है। उन्होंने बताया कि तंबाकू से जुड़ी बीमारियां धीरे-धीरे विकसित होती हैं, जिसके कारण अधिकांश मरीज गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचते हैं। कई मामलों में बीमारी तीसरे या चौथे चरण तक पहुंच चुकी होती है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण को भी श्वसन रोगों और कैंसर के बढ़ते खतरे का एक बड़ा कारण बताते हुए लोगों से तंबाकू एवं प्रदूषण दोनों से बचाव करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह ने प्रोजेक्टर के माध्यम से तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों को प्रदर्शित कर उपस्थित मरीजों एवं तीमारदारों को जागरूक किया। चिकित्सकों ने बताया कि तंबाकू की लत से छुटकारा पाने के इच्छुक लोग मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन एवं मनोचिकित्सा विभाग से परामर्श एवं उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर उप-प्रधानाचार्य प्रो. आशीष यादव, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रूचिरा सेठी, प्रो. उमेश कुमार सरोज, प्रो. भारती यादव, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. अचल सिंह, डॉ. विनोद वर्मा, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. चंद्रभान, डॉ. मुदित चौहान, डॉ. नवीन सिंह, डॉ. अरविंद यादव, डॉ. अवधेश गुप्ता, डॉ. प्रतिभा सिंह, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. अर्चना चौधरी, डॉ. मिथिलेश, डॉ. अथर अंसारी, डॉ. संदीप सिंह सहित अन्य चिकित्सक, कर्मचारी, मरीज एवं उनके तीमारदार उपस्थित रहे।


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