HIV से माता-पिता की मौत, 8 साल का मासूम अकेला: “अब मुझे भी मार देंगे… मेरी जमीन चाहते हैं”
एटा (उत्तर प्रदेश)।उत्तर प्रदेश के एटा जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जैथरा थाना क्षेत्र के नगला धीरज गांव में रहने वाले 8 वर्षीय मासूम सनी ने बेहद कम उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया। पिता की मौत करीब एक साल पहले एचआईवी (AIDS) से हो चुकी थी, जबकि मां ने 14 जनवरी की रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मां की मौत के बाद जो हुआ, उसने पूरे सिस्टम और समाज पर सवाल खड़े कर दिए।
मां के शव के साथ अकेला पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा बच्चा
सुबह करीब 7 बजे सनी अपनी मां का शव लेकर अकेले जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। पंचनामा के लिए जरूरी गवाह तक मौजूद नहीं थे। हैरानी की बात यह रही कि मौत के 17 घंटे तक कोई भी रिश्तेदार अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंचा।
पोस्टमार्टम हाउस में मां के कफन में लिपटे शव के पास बैठा सनी फूट-फूटकर रोता रहा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों की भी आंखें नम हो गईं।
“मुझे अपने ही परिवार से जान का खतरा है”
मासूम सनी ने आरोप लगाया कि उसे अपने ही पट्टीदारों से जान का खतरा है। उसका कहना है कि सभी की नजर उसकी करीब 5 बीघा जमीन पर है।
सनी ने बताया कि मां की बीमारी के दौरान किसी रिश्तेदार ने मदद नहीं की। वह खुद ही मां को फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल, कानपुर के हैलट अस्पताल और दिल्ली तक इलाज के लिए ले गया।
इलाज के दौरान मां की मौत
बीते 8 दिनों से सनी की मां का इलाज एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। हालत बिगड़ने पर 14 जनवरी की रात करीब 10 बजे उनकी मौत हो गई।
17 घंटे बाद पहुंचे रिश्तेदार
मौत की सूचना मिलने के करीब 17 घंटे बाद दोपहर 3 बजे कुछ रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, तब जाकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हो सकी।
प्रशासन ने संभाली जिम्मेदारी
जैथरा थाना प्रभारी रितेश ठाकुर ने बताया कि मृत महिला के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी प्रशासन ने संभाल ली है। राजस्व विभाग की निगरानी में अंतिम संस्कार कराया जा रहा है और बच्चे की सुरक्षा को लेकर भी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।


















































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