🔴 कादीपुर (सुलतानपुर): कटघर पूरेचौहान में कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित, सेवा और संवेदना की मिसाल बना आयोजन
सुलतानपुर न्यूज़ | सामाजिक सरोकार
कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच सुलतानपुर जिले के कादीपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत कटघर पूरेचौहान स्थित काली माता चौरा पर कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन मानवता, करुणा और सेवा-भाव का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया, जहां जरूरतमंद माताओं-बहनों एवं बुजुर्गों को राहत पहुंचाई गई।
🤝 विधायक राजेश गौतम ने किया कंबल वितरण
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। इस दौरान पूरे आयोजन स्थल पर संवेदना, सहयोग और अपनत्व का माहौल देखने को मिला।
🗣️ विधायक का संदेश
विधायक राजेश गौतम ने कहा,
“निराश्रित और असहाय लोगों की मुस्कान और उनका आशीर्वाद ही जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की सबसे बड़ी प्रेरणा है। सेवा का भाव समाज को एक सूत्र में बांधता है।”
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मानवता और लोककल्याण से प्रेरित ऐसे सेवा कार्य भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे, ताकि कोई भी जरूरतमंद ठंड से परेशान न हो।
🌱 सामाजिक सहभागिता की सराहना
प्रमुख प्रतिनिधि सर्वेश मिश्र ने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम जरूरतमंदों को वास्तविक राहत प्रदान करते हैं। कंबल पाकर बुजुर्गों की आँखों में कृतज्ञता और माताओं-बहनों के चेहरों पर संतोष इस सेवा कार्य की सफलता को दर्शाता है।
👥 बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में समाजसेवी अम्बरीश मिश्र (पत्रकार), संतोष उपाध्याय, विपिन तिवारी, रितेश दूबे, अशोक तिवारी, दिलीप सक्सेना, जितेंद्र वर्मा, बब्बनपति विश्वकर्मा, संतोष यादव, राजेश प्रजापति, सोनू तिवारी, सत्यम तिवारी, अनुराग मिश्र सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। सभी ने इस मानवीय पहल को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
🎖️ आयोजक का संकल्प
आयोजक बसंत तिवारी ने अतिथियों का माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया और कहा कि भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्य लगातार किए जाएंगे। इस अवसर पर विधायक राजेश गौतम ने काली माता चौरा के सुंदरीकरण का भी आश्वासन दिया।
✨ सेवा की गर्माहट बनी उम्मीद
निस्संदेह, यह आयोजन केवल कंबल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना। ठिठुरती रातों में यह पहल जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की गर्माहट बनकर सामने आई—यही सच्ची जनसेवा का स्वरूप है।


















































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