मऊ–खुरहट और मऊ–दुल्लहपुर रेलखंड का दोहरीकरण व विद्युतीकरण पूरा और स्पीड ट्रायल सफल
वाराणसी/मऊ।पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल पर रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। मऊ–शाहगंज दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत मऊ–खुरहट (लगभग 12 किलोमीटर) रेलखंड का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य पूरी तरह से पूरा कर लिया गया है। इस कार्य के पूर्ण होने के बाद बुधवार, 18 दिसंबर 2025 को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), उत्तर पूर्व सर्किल प्रणजीव सक्सेना द्वारा इस रेलखंड का संरक्षा निरीक्षण एवं स्पीड ट्रायल किया गया। संरक्षा निरीक्षण के दौरान सीआरएस के साथ पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य इंजीनियर नीलमणि, मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी आशीष जैन, रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के कार्यकारी निदेशक विकास चन्द्रा, मुख्य परियोजना प्रबंधक आशुतोष शुक्ला सहित रेलवे मुख्यालय, मंडल और आरवीएनएल के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण की शुरुआत खुरहट रेलवे स्टेशन से हुई। यहां दोहरीकरण और विद्युतीकरण के अनुसार किए गए इंटरलॉकिंग कार्य, संरक्षा उपकरणों में बदलाव, स्टेशन वर्किंग रूल, रिले रूम के विस्तार और यार्ड में पड़ने वाले समपार फाटकों के दोहरीकरण की व्यवस्था की जांच की गई। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म, पैदल उपरिगामी पुल (एफओबी) के क्लियरेंस और यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं का भी निरीक्षण किया गया। सीआरएस ने स्टेशन पर वी डीयू पैनल, रिले रूम और इंटीग्रेटेड पावर सप्लाई रूम का बारीकी से अवलोकन किया। इसके बाद मोटर ट्रॉली के माध्यम से खुरहट यार्ड में ट्रेलिंग प्वाइंट संख्या 102 बी की हाउसिंग का निरीक्षण किया गया और गेज परीक्षण कर संरक्षा की जांच की गई। गेट संख्या 6सी पर पहुंचकर उन्होंने गेट के दोहरीकरण विस्तार, बूम लॉक और इलेक्ट्रॉनिक चाभी हस्तांतरण प्रणाली का परीक्षण किया। साथ ही गेट पर मौजूद सेफ्टी टूल्स की जांच की गई और गेटमैन शहनवाज अहमद से संरक्षा संबंधी जानकारी भी ली गई।
इसके बाद कट कनेक्शन के पास स्थित प्वाइंट संख्या 121ए का गेज परीक्षण, हाउसिंग और फेल-सेफ प्रणाली का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के अगले चरण में सीआरएस मोटर ट्रॉली से खुरहट–पालीगढ़ हाल्ट–मऊ रेलखंड का निरीक्षण करते हुए मऊ पहुंचे। इस दौरान रेल पथ जड़ाई, बैलास्ट की स्थिति, ओवरहेड ट्रैक्शन लाइन, पोल्स, पुलों, समपार फाटकों और अंडरपास की संरक्षा व्यवस्था की गहन जांच की गई।
निरीक्षण के अंत में रेल संरक्षा आयुक्त ने ओएमएस स्पेशल ट्रेन के जरिए मऊ–खुरहट और मऊ–दुल्लहपुर रेलखंड पर स्पीड ट्रायल किया, जो पूरी तरह सफल रहा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मऊ–खुरहट रेलखंड के चालू होने के साथ ही मऊ–शाहगंज दोहरीकरण परियोजना पूरी हो गई है। इस नई लाइन को अप मेन लाइन के रूप में नामित किया जाएगा। दोहरीकरण से रेल लाइन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे यात्री और मालगाड़ियों की संख्या बढ़ सकेगी, ट्रेनों की रफ्तार तेज होगी और यात्रा समय कम होगा। साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।























































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