Latest News / ताज़ातरीन खबरें

घोसी के टड़ियाव स्थित 100 बेड के अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था न रहने से चिकित्सकों , मेडिकल स्टाफ , मरीजों एवं तीमारदार भगवान भरोसे


महिला चिकित्सक न होने से गरीब महिलाओं को हो रही भारी परेशानी, सीएमएस ने कई बार भेजा पत्र 

संवाददाता 
घोसी।मऊ।घोसी ब्लाक क्षेत्र के टड़ियाव स्थित 100 बेड के राजकीय अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था न होने से हमेशा डर का माहौल बना रहता है। अस्पताल में इमरजेंसी सेवा 24 घंटे चालू रहती है, जिसके कारण रात-बिरात मरीजों और तीमारदारों का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम न होने से चिकित्सक और स्टाफ खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।जानकारी के अनुसार आए दिन कुछ मनबढ़ किस्म के लोगों द्वारा अकारण चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ के साथ धौंस जमाने और दुर्व्यवहार की शिकायतें मिलती रहती हैं। सुरक्षा कर्मी न होने से ऐसे लोगों पर अंकुश लगाना मुश्किल हो जाता है। जबकि बहुत से सीएचसी पर मानक से अधिक सुरक्षा गार्ड तैनात है।
  सुरक्षा गार्ड तैनात न होने से  अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन जाती है। मेडिकल स्टाफ और चिकित्सकों का कहना है कि अगर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है।
अस्पताल की दूसरी बड़ी समस्या महिला चिकित्सक का न होना है। महिला चिकित्सक के अभाव में क्षेत्र की महिलाओं को अपना इलाज कराने के लिए दूसरी जगहों पर झोला छाप डाक्टरों के पास जाने को बाध्य होना पड़ रहा है। इससे विशेषकर गरीब परिवारों को भारी परेशानी और आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि 100 बेड के इतने बड़े अस्पताल में एक भी महिला डॉक्टर का न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।हालांकि इन तमाम कमियों के बीच टड़ियाव अस्पताल की सफाई व्यवस्था उच्च कोटि की है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार चंद्रा ने बताया कि महिला चिकित्सक की तैनाती के साथ सुरक्षा गार्ड के लिए कई बार शासन स्तर पर पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है।स्थानीय लोगों और मरीजों ने शासन-प्रशासन से अस्पताल में तत्काल सुरक्षा गार्डों की तैनाती और महिला चिकित्सक की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।


Leave a comment

Educations

Sports

Entertainment

Lucknow

Azamgarh