जिला कारागार में बंद युवक की इलाज के दौरान मौत, चोरी के मामले में तीन दिन पहले भेजा गया था जेल
•जेल प्रशासन ने बीमारी और नशे की लत बताई वजह
आजमगढ़। जिला कारागार में चोरी के आरोप में निरुद्ध एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान मऊ जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र स्थित नया चौक निवासी 24 वर्षीय विक्रम के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, विक्रम के खिलाफ जीयनपुर थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज था। वह पहले भी इस मामले में जेल जा चुका था और बाद में जमानत पर रिहा हो गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान नियमित रूप से न्यायालय में पेश न होने पर अदालत ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद जीयनपुर पुलिस ने तीन दिन पहले उसे उसके घर से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया था। जेलर विजय कुमार पांडेय ने बताया कि विक्रम नशे का आदी था तथा उसमें डाउन सिंड्रोम से संबंधित लक्षण भी पाए गए थे। जेल में नशा नहीं मिलने के कारण वह बेचैन रहता था और भ्रम की स्थिति में भी था। गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। जेल चिकित्सक द्वारा रेफर किए जाने के बाद उसे कारागार पुलिस की अभिरक्षा में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात करीब साढ़े आठ बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई। वहीं, मृतक के भाई विक्की ने जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि गिरफ्तारी के समय विक्रम पूरी तरह स्वस्थ था। उन्होंने कहा कि मात्र तीन दिन के भीतर उसकी हालत इतनी गंभीर कैसे हो गई, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



























































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