नयी व्यवस्था को लेकर घोसी रजिस्ट्री कार्यालय पर तीसरे दिन भी धरना जारी, सपा नेता सुजीत सिंह ने दिया समर्थन
घोसी।मऊ। निबंधन व्यवस्था के निजीकरण और पी पी मॉडल (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) को लागू करने के विरोध में घोसी तहसील परिसर स्थित उपनिबंधन कार्यालय पर चल रहा धरना-प्रदर्शन आज तीसरे दिनभी जारी रहा। बुधवार को इनको सपा नेता सुजीत सिंह का समर्थन प्राप्त हुआ।
दस्तावेज लेखकों और डीड राइटर एसोसिएशन के आह्वान पर आज तहसील परिसर में विशाल धरना प्रदर्शन के साथ ही जोरदार चक्रमण (जुलूस) हु निकाला गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने "पीपीपी मॉडल वापस लो" के गगनभेदी नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की।
राजनीतिक दलों और जन-प्रतिनिधियों का मिला साथ:
निबंधन व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने के सरकारी फैसले के खिलाफ चल रहे इस आंदोलन को अब व्यापक जन-समर्थन मिलने लगा है। आज धरने के तीसरे दिन प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाने घोसी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख और घोसी विधानसभा से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सुजीत सिंह भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने दस्तावेज लेखकों की मांगों को पूरी तरह जायज ठहराते हुए इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। सपा नेता ने कहा कि जनविरोधी नीतियों और निजीकरण के इस फैसले के खिलाफ वे सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाने को तैयार हैं।
डीड राइटर एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से दिवाकर, दिनेश सिंह, राजेश मौर्य, असलमखान और शमशाद, इनामून उर्फ दग़्गा सहित भारी संख्या में दस्तावेज लेखकों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि अगर सरकार ने इस व्यवस्था को वापस नहीं लिया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप अख्तियार करेगा।
विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता डीड राइटर एसोसिएशन के अध्यक्ष मारकंडेय सिंह ने की। उन्होंने अपने संबोधन में सभी साथियों से एकजुट रहने की अपील की और कहा कि जब तक सरकार पी पी मॉडल के फैसले को वापस नहीं लेती, तब तक यह लड़ाई अनवरत जारी रहेगी।





















































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