धुरिया जाति के प्रमाण पत्रों की विधानसभा समिति ने की समीक्षा, साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई का भरोसा
आजमगढ़, 8 जून। उत्तर प्रदेश विधानसभा की संसदीय अनुश्रवण समिति (2025-26) की उप समिति ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में धुरिया जाति के पूर्व में जारी जाति प्रमाण पत्रों से संबंधित साक्ष्यों एवं अभिलेखों का परीक्षण किया। बैठक में गोंड, धुरिया एवं कहार उपजाति के पदाधिकारियों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए समिति ने न्यायोचित निस्तारण का आश्वासन दिया।
बैठक की अध्यक्षता उप समिति के संयोजक एवं सदस्य आशीष कुमार सिंह ‘आशु’ ने की। इस दौरान समिति के सदस्य अभय सिंह और नफीस अहमद के साथ जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार भी मौजूद रहे।
बैठक में धुरिया जाति के व्यक्तियों को पूर्व में अनुसूचित जनजाति के रूप में जारी किए गए जाति प्रमाण पत्रों के सत्यापन पर विस्तार से चर्चा हुई। समिति ने बताया कि शासनादेश के अनुरूप ऐसे सभी प्रकरणों का परीक्षण किया जा रहा है।
समिति ने गोंड जाति की उपजाति धुरिया के पदाधिकारियों से कहा कि यदि उनके पास पूर्व में जारी जाति प्रमाण पत्र, पारिवारिक अभिलेख, वंशावली या अन्य वैध एवं प्रामाणिक दस्तावेज उपलब्ध हैं तो उन्हें प्रस्तुत करें। इन अभिलेखों के आधार पर पात्र पाए जाने वाले व्यक्तियों के संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने धुरिया जाति को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी किए जाने से जुड़े विभिन्न मामलों और तथ्यों से समिति को अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने भरोसा दिलाया कि उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के परीक्षण के बाद पात्र व्यक्तियों को नियमानुसार जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बैठक में संयुक्त सचिव नीरज कुमार सचान, अनुभाग अधिकारी अंकिता त्रिपाठी, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, उप जिलाधिकारी मार्टीनगंज अविनाश कुमार, तहसीलदार मार्टीनगंज, जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी चेतन सिंह सहित गोंड, धुरिया और कहार उपजाति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।


















































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