16 विद्यालयों की मान्यता पर उठे सवाल जेडी ने तलब फाइले कार्यवाहक डीआईओएस पर फर्जी अभिलेखों और तथ्य छिपाकर संस्तुति करने का आरोप, जांच के आदेश
आजमगढ़। जिले में 16 विद्यालयों को दी गई नई मान्यता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यवाहक जिला विद्यालय निरीक्षक रहे वीरेंद्र प्रताप सिंह पर कथित रूप से तथ्य छिपाकर और फर्जी अभिलेखों के आधार पर विद्यालयों की मान्यता की संस्तुति करने का आरोप लगा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) से जांच कर आख्या रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद जेडी ने डीआईओएस से संबंधित विद्यालयों की मान्यता फाइलें तलब की हैं। मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के संरक्षक रामजन्म सिंह ने की थी। उनका आरोप है कि जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार के चिकित्सकीय अवकाश पर रहने के दौरान वीरेंद्र प्रताप सिंह ने 11 दिसंबर 2025 से 23 जनवरी 2026 तक कार्यवाहक डीआईओएस का कार्यभार संभाला था। इसी दौरान हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के 16 विद्यालयों की नई मान्यता की संस्तुति कर उन्हें वर्ष 2025-26 में परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी भेजा गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मान्यता प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की अनदेखी की गई। इनमें मान्यता समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर, नेशनल बिल्डिंग कोड का प्रमाणपत्र, अग्निशमन विभाग की अनुमति, एनएससी अभिलेख, भूमि संबंधी दस्तावेज तथा भवन मानकों की जांच शामिल है। मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए शासन को भी पत्र भेजा गया है। संयुक्त शिक्षा निदेशक नवल किशोर ने बताया कि 16 विद्यालयों की मान्यता से संबंधित सभी अभिलेख तलब किए गए हैं। शिकायतों के बिंदुओं की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी स्तर पर अनियमितता, तथ्य छिपाने या फर्जी अभिलेखों के प्रयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं डीआईओएस अजय कुमार ने बताया कि जेडी का पत्र प्राप्त हो गया है और मान्यता से संबंधित फाइलें तैयार की जा रही हैं। जल्द ही सभी अभिलेख जांच के लिए उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

























































Leave a comment