बिद्युत उपभोक्ता क्यो झेले बिजली कर्मियों के हड़ताल की मार क्या उपभोक्ताओं की....
अम्बारी / आजमगढ़
विद्दयुत विभाग के हड़ताल से आम जनजीवन अस्त व्यस्त जहाँ बाजारों में व्यापारिक प्रतिष्ठान प्रभावित हुआ है तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग अँधेरे में जिंदगी जीने को मजबूर हैं। बिजली कटौती से उपभोक्ताओं में रोष है
विद्दयुत विभाग की जर्जर व्यवस्था को झेलते उपभोक्ताओं को विद्दयुत कटौती की मार भी झेलनी पड़ती है। समस्या कुछ भी हो मार उपभोक्ताओं को ही झेलनी पड़ती है ऐसा क्यों। क्या हर किसी का कसूरवार उपभोक्ता ही है । ट्रांसफार्मर जले तो भार उपभोक्ता के ऊपर, विद्दयुत तार जले तो भार उपभोक्ता के ऊपर किसी प्रकार का फाल्ट उत्पन्न हो तो भार उपभोक्ता को ही वाहन करना पड़ता है।बिजली उपभोक्ता भरे, हर किसी समस्या का जिम्मेदार कौन । विद्दयुत विभाग की घोर लापरवाही से न जाने कितनों जाने जाती रहती हैं । विद्दयुत विभाग का कोई पैमाना नहीं है कि कितनी क्षमता की विद्दयुत प्रवाहित करनी है शायद किसी को पता ही नहीं है आये दिन बिजली वोल्टेज काम का ज्यादा होता रहता है जिससे उपभोक्ताओं का काफी क्षति होती है जिम्मेदार कौन उपभोक्ता, विद्दयुत विभाग या सरकार।





















































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