“जो मुक्त हो जाते हैं, वह भी राम के शरण चाहते हैं” — जगद्गुरु रामभद्राचार्य
•बिजथुआ महोत्सव में गुरु-शिष्य की अद्भुत जोड़ी ने बहाई भक्ति की गंगा, लाखों भक्तों ने लिया दर्शन लाभ ।
कादीपुर सुलतानपुर ।विजेथुआ महावीर धाम शुक्रवार को अध्यात्म और आस्था की अलौकिक छटा से सराबोर रहा। तुलसी पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी श्रीरामभद्राचार्य जी महाराज और उनके शिष्य बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की उपस्थिति में लाखों श्रद्धालु भक्ति के सागर में डूबे नजर आए। दोपहर से ही धाम में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा, जो देर शाम तक “जय श्रीराम” और “जय हनुमान” के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
रामभद्राचार्य जी ने दी ज्ञान की गंगा
साँयकाल कथा के दौरान जगद्गुरु श्रीरामभद्राचार्य जी महाराज ने कहा — “जब तक मोक्ष की इच्छा रहेगी, व्यक्ति ईश्वर को नहीं पा सकता। जो मुक्त हो जाते हैं, वह भी भगवान राम की शरण चाहते हैं। मुक्त भगवान के गले का हार बनता है और भक्त भगवान के चरणों की सेवा करता है।”
उन्होंने कहा कि राम, सीता और लक्ष्मण हमारे आराध्य हैं। “वाल्मीकि रामायण में कहा गया है कि राम परमात्मा हैं, सीता भक्ति हैं और लक्ष्मण वैराग्य हैं। वैराग्य और भक्ति के संगम से ही परमात्मा की प्राप्ति होती है।”
“भारत बनेगा हिंदू राष्ट्र” — धीरेंद्र शास्त्री
तुलसी पीठ के उत्तराधिकारी एवं बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कथा के दौरान कहा — “एक दिन ऐसा आएगा जब गुरु रामभद्राचार्य जी के संरक्षण में भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा।”
उन्होंने जातिगत भेदभाव को समाप्त करने का आह्वान करते हुए नारा लगवाया — “छुआछूत की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।”
उन्होंने कहा कि समाज को संस्कारवान, ज्ञानवान और बलवान युवाओं की आवश्यकता है। “प्रत्येक युवा अपने माता-पिता को भगवान का स्थान दे और उनके सपनों को साकार करे।”
बागेश्वर बाबा ने शिक्षा के भारतीयकरण पर बल देते हुए कहा — “अंग्रेजी विद्यालयों के साथ संस्कृत विद्यालयों को भी बढ़ावा देना होगा और मंदिरों को शिक्षा से जोड़ना पड़ेगा।”
अयोध्या के महंत राजूदास ने की प्रशंसा
अयोध्या के चर्चित महंत राजूदास ने कहा कि “गुरुदेव रामभद्राचार्य जी सनातन संस्कृति के प्रहरी हैं। उनकी इच्छा है कि पाक अधिकृत कश्मीर शीघ्र भारत में सम्मिलित हो।”
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति से बढ़ा गौरव
कार्यक्रम में विधायक राजेश गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, चेयरमैन आनंद जायसवाल, एडीजे अल्मोड़ा रवींद्र मिश्र, डा. रत्नेश तिवारी, गिरिजेश तिवारी, प्रमुख सर्वेश मिश्र, आशुतोष सिंह मोहित, विजयधर मिश्र, ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह रवि, सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, संत एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
गदा भेंट कर किया सम्मान
आयोजक विवेक तिवारी ने जगद्गुरु श्रीरामभद्राचार्य जी महाराज, पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और आचार्य रामचंद्र दास जी को उपहार स्वरूप गदा भेंट की। कार्यक्रम का संचालन संयोजक डॉ. रत्नेश तिवारी ने किया।






















































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