प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को वितरित कि गई स्टेशनरी, खिले बच्चों के चेहरे
अम्बारी आजमगढ़। किसी भी पुण्यतिथि को यादगार बनाने का सबसे बड़ा माध्यम सेवा कार्य माना जाता है। खासकर जब यह कार्य बच्चों के बीच किया जाए, तो उसमें ईश्वरीय शक्ति का एहसास होता है।
बतादें कि,भेड़िया निवासी राम उजागिर मौर्य ने अपने पिता स्व. दयाशंकर प्रसाद मौर्य की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर चकल्लाह प्राथमिक विद्यालय में अपनी माता प्रभावती देवी के साथ बच्चों और मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति में एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रेखा यादव, अध्यापक गुलाब चंद, अध्यापिका उर्मिला यादव, आंगनवाड़ी कविता यादव, रीता प्रजापति, ऊषा देवी, मुन्नी देवी सहित विद्यालय परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बच्चों को नोटबुक, पेन, पेंसिल, रबर और कटर वितरित किए गए। बच्चों ने शैक्षिक उपहार पाकर प्रसन्नता व्यक्त की और उनके चेहरे खिल उठे। उपस्थित शिक्षकों और अभिभावकों ने भी बच्चों के शिक्षा स्तर एवं उनके व्यवहार को देखकर खुशी जताई।
इस अवसर पर राम उजागिर मौर्य ने कहा कि “पुण्यतिथि का असली संदेश समाज की सेवा करना और नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करना है।” वहीं विद्यालय परिवार ने भी कहा कि समाज के सहयोग से विद्यालय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
कार्यक्रम में कामता प्रसाद मौर्य, डब्लू मौर्य, बबलू मौर्य, आस्था मौर्य, अंश मौर्य सत्यम मौर्य सहित स्थानीय लोग और विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।






















































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