धड़ल्ले से हो रही है हरे पेड़ों की कटान वन विभाग मौन
अहरौला आजमगढ़- क्षेत्र के खजुरा गांव में करीब 18 हरे सागौन के पेड़ वन विभाग के आला अधिकारियों के नाक के नीचे कट गए। हैरत की बात यह है की जब मीडिया कर्मियों ने इसके बारे में अहरौला के फारेस्ट ऑफिसर ज्ञान प्रकाश वर्मा से पूछा तो उन्होंने कहा की उनको इसकी जानकारी नहीं है। जहा सुबे व केंद्र की सरकार हरित क्रांति लाने के लिए बड़े-बड़े दावे करती है और हर वर्ष हर ब्लॉक में करीब करोड़ों रुपए खर्च करके वृक्षारोपण करवाती है और हरित क्रांति लाने की बात कहती है। लेकिन ऐसे में हरित क्रांति कहां से आएगी जब आला अधिकारियों की नाक के नीचे पेडों की कटान ऐसे ही चलती रही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एरोला थाना क्षेत्र के खजुरा गांव में सागौन के 18 हरे पेड़ों को काट दिया गया और वन विभाग के अधिकारियों को भनक तक ना लगी इस इस संबंध में अधिकारियों की मोहन साधना कुछ और ही इशारा करती है इस संबंध में फॉरेस्ट अधिकारी ज्ञान प्रकाश वर्मा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है ऐसे में सरकार की हरित क्रांति योजना का क्या होगा जब अधिकारी के नाक के नीचे कितने पेड़ों की कटान एक साथ हो जाए और अधिकारी को खबर तक ना लगे क्या बात सोचने पर मजबूर करती है की कहानी या गोरख धंधा मिली भगत से तो नहीं चल रहाअभि पूर्व में ही एक बड़े और विशाल आम के पेड़ को काटा जा रहा था जिसके आधा से ज्यादा हिस्से हरे थे। ठेकेदार से पूछने पर उसने बताया की मेरी बात सबसे हो गई है तब मैं पेड़ कटवा रहा हु। ऐसे में सवाल ये उठ रहा है की अगर ऐसे ही लगातार बड़े और विशाल पेड़ कटते रहेंगे तो ऐसे में सरकार कैसे हरित क्रांति लाएगी।






















































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